Hindi Quotes

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Amir Khusrau
“Farsi Couplet:
Ba khak darat rau ast maara,
Gar surmah bechashm dar neaayad.


English Translation:
The dust of your doorstep is just the right thing to apply,
If Surmah (kohl powder) does not show its beauty in the eye!”
Amir Khusrau, The Writings Of Amir Khusrau :700 years after the prophet : a 13th-14th century legend of Indian-sub-continent

Susan Mallery
“I don‟t hate men,” she said, giving him a quick glance before returning her attention to keeping her horse in line. “I think you‟re a bit overrated, butthat‟s not hating . Men have ruled women and the world by virtue of their gender for several hundred years.”
“Cream always rises to the top,” he replied.
“This isn‟t about cream. It‟s about ruling through physical and mental intimidation. We all have strengths and weaknesses. The difference is,most women are willing to discuss both, while most men only want to talk about their strengths.”
Susan Mallery, The Sheik's Arranged Marriage

Amir Khusrau
“Chaap Tilak

Chhap tilak sab cheeni ray mosay naina milaikay
Chhap tilak sab cheeni ray mosay naina milaikay
Prem bhatee ka madhva pilaikay
Matvali kar leeni ray mosay naina milaikay
Gori gori bayyan, hari hari churiyan
Bayyan pakar dhar leeni ray mosay naina milaikay
Bal bal jaaon mein toray rang rajwa
Apni see kar leeni ray mosay naina milaikay
Khusrau Nijaam kay bal bal jayyiye
Mohay Suhaagan keeni ray mosay naina milaikay
Chhap tilak sab cheeni ray mosay naina milaikay


Translation
You've taken away my looks, my identity, by just a glance.
By making me drink the wine of love-potion,
You've intoxicated me by just a glance;
My fair, delicate wrists with green bangles in them,
Have been held tightly by you with just a glance.
I give my life to you, Oh my cloth-dyer,
You've dyed me in yourself, by just a glance.
I give my whole life to you Oh, Nijam,
You've made me your bride, by just a glance.”
Amir Khusrau

“Brahma and Airavata

Long ago in lands of golden sand
Brahma turned to Saraswati
and gently kissed her inked hand....”
Muse, Enigmatic Evolution

Ramdhari Singh 'Dinkar'
“सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
शूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं।”
Ramdhari Singh 'Dinkar'

“Fortunately she stopped the servants before the platters of cold meats left the house, sending them back to the kitchen where she had the ham and beef placed on separate plates, for the Hindi Christians despite their conversion would not eat cow and the Muslims would not eat pig. The Portuguese, of course, ate anything.”
John Speed, The Temple Dancer

“Kabhi tere shehar se guzarein toh parr lena inney,
Maine hawaon pe apne kuch safarname likhe hain..”
Jasz Gill

Bhagat Singh
“इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से,
अगर मैं इश्क़ लिखना भी चाहूँ तो इंक़लाब लिखा जाता है।”
Bhagat Singh

Mohit Sharma
“किसी व्यक्ति/बात का पक्ष लेने में ज्ञान हमारी मदद भी करता है और रोकता भी है। फैसला करने से पहले विभिन्न अधिकृत-अनधिकृत घटकों से जाँचना ज़रूरी है कि उपलब्ध जानकारी का उद्गम कहाँ से हुआ है, क्योकि संभव है जिस जानकारी के बल पर हम सही-गलत का निर्णय कर रहे हों वह स्रोत से ही किसी पक्ष के स्वार्थ के लिए दूषित कर दी गयी हो।”
Mohit Sharma, Trendy Baba Series

“अजनबी हमको ये दीवार ये दर कहते हैं
पर कहाँ जाएँ चलो इसको ही घर कहते हैं”
Anonymous

Munshi Premchand
“वह प्रेम जिसका लक्ष्य मिलन है प्रेम नहीं वासना है।”
Munshi Premchand

Darshvir Sandhu
“... और
जब तुम
थमी
तपी
हवा हो जाओ
मैं
सूखी चोंच से
खामोश रेत पर
ओस लिखूंगा
तुम उसे
प्रेम पढ़ना ...
( झील में अटकी नदी से )”
Darshvir Sandhu

Dushyant Kumar
“आज सड़कों पर लिखे हैं सैंकड़ों नारे न देख
घर अँधेरा देख तू आकाश के तारे न देख

एक दरिया है यहाँ पर दूर तक फैला हुआ
आज अपने बाजुओं को देख पतवारें न देख

अब यक़ीनन ठोस है धरती हक़ीक़त की तरह
यह हक़ीक़त देख, लेकिन ख़ौफ़ के मारे न देख

वे सहारे भी नहीं अब जंग लड़नी है तुझे
कट चुके जो हाथ ,उन हाथों में तलवारें न देख

दिल को बहला ले इजाज़त है मगर इतना न उड़
रोज़ सपने देख, लेकिन इस क़दर प्यारे न देख

ये धुँधलका है नज़र का,तू महज़ मायूस है
रोज़नों को देख,दीवारों में दीवारें न देख

राख, कितनी राख है चारों तरफ़ बिखरी हुई
राख में चिंगारियाँ ही देख, अँगारे न देख.”
Dushyant Kumar, साये में धूप

Darshvir Sandhu
“जो स्याही चाँद से मोहब्बत कर बैठती तो रातें अपना वक़्त कहाँ काटतीं ....”
Darshvir Sandhu

Darshvir Sandhu
“तुम दहाड़ की फटी आंख में लहू बोना
देखना, ये आसमां गिरगिटों से पहले रंग बदल लेंगे”
Darshvir Sandhu

“Without darkness, light loses its significance. रोशनी की तलाश करते है जो, वो जानते है कि रोशनी के लिए तो अंधेरे मे हो कर इंतज़ार होता है।”
Harshit Walia

“पर आदमी की मुसीबत तो यह है कि मूर्खता करने के बाद उसे निबाहना पड़ता है।”
Ram Kumar Bhramar, एक अकेला [Ek Akela]

Puja Upadhyay
“ऐ सुनो न, महादुष्ट और चोट्टेकुमार, मुझे एक चिट्ठी लिखो न! हे आलसावतार, तुमसे कोढ़ी भी लजा जाए. हमरा एतना चिट्ठी पढ़े हो बैठ के जाड़ा में, चूल्हा में पकाया अल्लू खाते हुए. भुक्खड़ रे, ई सब से ऊपर उठ के एक ठो हमको चिट्ठी लिखो न. ऐसे कईसे चलेगा, खाली कोहरा पी के जिए आदमी, बतलाओ, ठंढा का दिन आया, हाथ गोड़ अकड़ रहा है. ए गो तुमरा चिट्ठी आता तो हम भी न बैठ के अलाव तापते हुए पढ़ते. बचवन सब को बतलाते ई हमार चोट्टा दोस्त है. तुम लोग अगर बेसी सुधरे हुए निकल गए कहीं गलती से तो तुम सबको इसी के पास भेज देंगे, चोट्टागिरी का ट्यूशन लगाने.”
Puja Upadhyay, Teen Roz Ishq

Puja Upadhyay
“उसे मेरे खो जाने का डर था. इस इतनी बड़ी दुनिया में, जहाँ मेरे होने का कोई सबूत नहीं, उसे मेरे खो जाने का डर था. सिर्फ उसके डर से ऐसा लगा जैसे मेरा अचानक से कोई वजूद हो गया हो. मुकम्मल.”
Puja Upadhyay, Teen Roz Ishq

Puja Upadhyay
“पहली बार व्हिस्की उठा कर होठों तक लायी थी तो वही वनगंध साँसों में भर गयी थी. जबां पर सिंगल माल्ट का पहला स्वाद पहली बार चूमने की तरह था, अतुलनीय. याद का दहकता जंगल मुझे अपने आगोश में भर रहा था, हौले हौले, शायद वो अपनी बाहें कस कर मुझे तोड़ डालता. यक़ीनन, मुझे अफ़सोस न होता. पैरों के पास कोई खुशबूदार बेल उग रही थी और महसूस हो रहा था कि हर छोटे सिप के साथ मैं दार्जलिंग का वही जंगल होती जा रही हूँ कि जिसके बादलों में भीगे तने पर कोई अजनबी अपने होठ रखने की हसरत लिए हर साल लौट आना चाहेगा. चाहने और लौट आने के बीच उलझा हुआ शामें सिंगल माल्ट में डुबो कर आग लगाता रहेगा.”
Puja Upadhyay, Teen Roz Ishq

Puja Upadhyay
“उसके हाथों में वो सिगरेट जितनी खूबसूरत लगती थी, उसके होटों पर उससे कहीं ज्यादा कातिल. उसे सिगरेट पीते हुए देख कर यकीन पक्का हो जाता था कि स्मोकिंग किल्स.”
Puja Upadhyay, Teen Roz Ishq

Puja Upadhyay
“तुम किस जहन्नुम में डेरा जमाए बैठे हो मेरी जान, मेरी जिगर के टुकड़े? तुमसे बात किए बिना सुकून नहीं आता। अगली बार BSNL वाले खुदाई करेंगे तो उसमें एक कट्टा मार देना, कभी कभी जहन्नुम का रौंग नम्बर लग जाए और तुम्हें जी भर गालियाँ दे सकूँ। इतना तो कर सकते हो मेरे लिए?”
Puja Upadhyay, Teen Roz Ishq

“ओ लगदी लाहौर दी आ
जिस हिसाब ना हँसदी आ
ओ लगदी पंजाब दी आ
जिस हिसाब ना’ तकदी आ

ओ लगदी लाहौर दी आ
जिस हिसाब ना’ हँसदी आ
कुड़ी डा पता करो
केहड़े पिंड दी आ
केहड़े शहर दी आ”
Lahore Lyrics in Hindi

“बाघी उड़ानों का शौक है अगर तो सोने के पिंजरों की ख्वाइश कैसी”
Jasz Gill

Enock Maregesi
“An Indian child is brought up in England, and he will speak both English and Hindi very well. English in school and Hindi at home. But here it’s English both in schools and at home. Why can’t you speak Swahili with your child at home? If this continues we will turn into an English speaking country.”
Enock Maregesi

Darshvir Sandhu
“इस किताब में जो भी दर्ज है वो महज़ ली हुई सांसें हैं, पहना हुआ चांद है, सिल्ली की सीलन है और कुछ अदद करवटें हैं मेरे 'पोरों पे जमे सच' की...।”
Darshvir Sandhu, Poron Pe Jame Sach

“किसी भी कहानी का असली मज़ा चौंकने और चौंकाने में है और अगर कोई कहानी चौंकाती नहीं है तो वह बंडल है..!”
Gaurav Solanki, ग्यारहवीं-A के लड़के

Neelam Saxena Chandra
“अँधेरा पंख पसार रहा है
पर मेरी भी एक ज़िद्द है;
अपने भीतर की रौशनी लिए
चलूँगी जहाँ तक हद्द है!”
Neelam Saxena Chandra, Maine Tarashe Hain Alfaaz

“उसके मुस्कुराने में दूध का उबाल था। उसे पा लेना इतनी बड़ी बात थी कि उसके लिए हज़ारों कहानियों को बंडल बनाया जा सकता था।”
Gaurav Solanki, ग्यारहवीं-A के लड़के

“तकलीफ़ के बदले तकलीफ़ देना प्यार के बदले प्यार देने से ज़्यादा ज़रूरी लगता था।”
Gaurav Solanki, ग्यारहवीं-A के लड़के

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