Inner Duality Quotes

Quotes tagged as "inner-duality" Showing 1-1 of 1
Pradyumna Kumar Tiwari
“प्रत्येक स्त्री में पुरुष और प्रत्येक पुरुष में स्त्री उसी भाँति अव्यक्त रूप से विद्यमान रहती है जैसे कोयले की कालिमा में हीरे की छटा, कठोर पर्वतों के हृदय में कोमल सरिता, जल में प्रचंड अग्नि, पापी में पवित्र परमात्मा, नृत्य में एक शांत लय, शांति में शिव का नृत्य और शून्य में अनंत ब्रह्मांड।”
Pradyumna Kumar Tiwari, त्रिकूट: धर्म का चक्रव्यूह