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Wo Lamha Quotes

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Wo Lamha Wo Lamha by Pushpindra Chagti Bhandari
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Wo Lamha Quotes Showing 1-29 of 29
“वक़्त की शाख़ पर
टिका है वो लम्हा
आज भी जस का तस ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“कुछ वक़्त
कभी गुज़रता ही नहीं
।
कभी भी नहीं ....
है न ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“बस नज़रों से सुनो
और छुअन से कहो...”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“वो अनदेखा सा
ख़्वाब था
जो पलकों में ठहर गया
न तुमने कहा न वो आगे बढ़ा”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“क्योंकि मेरे पास
हज़ार वजहें थीं
तुम को भूल जाने की”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“एक ज़रा सा टुकड़ा धूप का
मैंने कब ज़िन्दगी से
उसकी जागीर मांगी थी”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“दिन उगता है तेरे ख़्याल से
रात आती है तेरी याद लिए
ज़िन्दगी शुक्रिया इस मुस्कान के लिए”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“उसकी पीठ को देखा तो
ध्यान आया
उसके चेहरे के कई नक़्श
शायद याद ही न हों मुझे”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“या कोई सलवट थी
जो बहुत चुभती रही,
।
।
मेरी चादर में”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“मेरी भीगी आँखों में
वही है जो मुस्कराता है,”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“काश कभी ऐसा हो जाये
भीगा मन हो
और मैं टांग दूँ अलगनी पर
तुम सुबह की धूप बन कर
मेरे आँगन आ जाओ ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“एक कहकहा.....था
जिसकी गूंज आज भी
मेरे कानों में बसी है”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“बेवजह ही ;
कभी जब तुम याद आते हो तो
आँख पोंछ कर कहकहे लगाती हूँ ....
तुम्हारी पसंद का रंग पहनती हूँ ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“प्रेम ..
जिसमें सिर्फ
मानना है,
जानने की ज़रूरत नहीं ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“जाने उसकी अना बड़ी थी
या मेरा hurt,”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“काश वो रोक लेता मुझे
रख कर कोई वादा....”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“उससे दूर जाते हुए भी
इंतज़ार रहा मुझ को......”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“अपनी आँखें झुकाते हुए मैंने कहा
“ये सारी बातें मेरी नींद को disturb नहीं करतीं”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“हल्का सा, बहुत हल्का सा
मुस्कराना
और फिर सीधा चले जाना,”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“एक आँसू.....है
जो आज भी मेरी
आँख की कोर में रहता है ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“मैं चाहती हूँ,
तुम मेरी चुप बनो,”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“इतना close तो मैं
ख़ुद को भी ना आने दूँ कभी ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“मैंने कहा —
अगर मैं अपने अश'आर में नहीं
तो कहाँ पढ़ोगे मुझ को ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“उस ने कहा — कभी यूँ करो
ख़्वाब की सिर्फ़ एक कतरन देखो !”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“बेवजह ही ;
हथेली में चाँद रख लेती हूँ ....
रात से झगड़ा कर लेती हूँ,
ख़्वाबों को वापिस भेज देती हूँ ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“मैंने ख़ुदा को नहीं देखा
दोस्त
मैंने बस इश्क़ को जाना है ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“किसी चाय की भाप में
मैंने तुम को miss नहीं किया”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“उसकी तरफ पीठ कर के
बैठ गयी मैं, अपनी चाय लेकर ।।
फ़ोन में मैसेंजर पर
दिल भेज दिया उसने ....
और
ज़रा सी मुस्कान आ गयी
मेरी नम आँखों में ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha
“बेवजह ही ;
किसी दिन चाय के दो कप बनाती हूँ ....
Balcony में खड़े हो कर
दूर तक तुम को तलाशती हूँ ।।”
― Pushpindra Chagti Bhandari, Wo Lamha