इंद्रधनुष Quotes

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इंद्रधनुष: कहानियाँ, ख़ुशानियाँ और बेईमानियां (Hindi Edition) इंद्रधनुष: कहानियाँ, ख़ुशानियाँ और बेईमानियां by जैनेन्द्र कुमार बघेल
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“प्रेम ही जगद्-भाषा है। सद्भाव, ममता, सहानुभूति, करुणा आदि उसकी अनेक उपभाषाएं हैं। इनका व्याकरण समझ लिया तो आप किसी से भी संवाद कर सकते हो।”
जैनेन्द्र कुमार बघेल, इंद्रधनुष: कहानियाँ, ख़ुशानियाँ और बेईमानियां
“मोनू, यार एक तो ये मानव, ऊपर से घबराया हुआ.. इतनी आसानी से नहीं समझ पायेगा।”
जैनेन्द्र कुमार बघेल, इंद्रधनुष: कहानियाँ, ख़ुशानियाँ और बेईमानियां
“गलियों के जाल में कहीं पीछे छूट गयी। मुख्य सड़क पर आकर छोटू एक बस में चढ़ गया।”
जैनेन्द्र कुमार बघेल, इंद्रधनुष: कहानियाँ, ख़ुशानियाँ और बेईमानियां