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परशुराम की प्रतीक्षा Quotes
परशुराम की प्रतीक्षा
by
Ramdhari Singh 'Dinkar'251 ratings, 4.33 average rating, 17 reviews
परशुराम की प्रतीक्षा Quotes
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“जब तक प्रसन्न यह अनल, सुगुण हँसते हैं; है जहाँ खड्ग, सब पुण्य वहीं बसते हैं। वीरता जहाँ पर नहीं, पुण्य का क्षय है, वीरता जहाँ पर नहीं, स्वार्थ की जय है। तलवार पुण्य की सखी, धर्मपालक है, लालच पर अंकुश कठिन, लोभ-सालक है। असि छोड़, भीरु बन जहाँ धर्म सोता है, पातक प्रचण्डतम वहीं प्रकट होता है। तलवारें सोतीं जहाँ बन्द म्यानों में, किस्मतें वहाँ सड़ती हैं तहखानों में। बलिवेदी पर बालियाँ-नथें चढ़ती हैं, सोने की ईंटें, मगर, नहीं कढ़ती हैं।”
― परशुराम की प्रतीक्षा
― परशुराम की प्रतीक्षा
