“प्राइवेट कॉलेज जहां प्लेसमेंट के अलावा बाकी सबकुछ किसी भी अच्छे इंजीन्यरिंग कॉलेज जैसा होता है । दोस्ती छोड़कर एक भी अच्छी चीज़ न सिखाने वाले दोस्त , जिन्दगी भर साथ न छोड़ने वाले दोस्त, हॉस्टल की मैस जहां खाने की वजह बस एक होती है कि जितनी देर तक मैस खुलती है उतनी देर लड़के लड़कियों को और लड़कियां लड़कों को बेरोकटोक तड़ सकें , कॉलेज के बाहर पास वाली टपरी जहां चाय, सिगरेट और मैगी मिलती है , जिन्दगी भर याद आने वाली वो एक लड़की या बहुत सी लड़कियां।”
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Divya Prakash Dubey,
मसाला चाय