“पार्थ, स्त्री और पुरुष में अंतर है। उनकी नीति, धर्म, विचार-पद्धति भी अलग-अलग होती है। एक दिल से विचारता है और दूसरा मस्तिष्क से। स्त्री प्रेम करने के मामले में पुरुष से अधिक शक्तिशाली है। स्त्री के लिए प्रेम समर्पण है, प्रेम सेवा है, प्रेम साहचर्य है; जबकि पुरुष के लिए प्रेम कुछ हद तक शारीरिक आवश्यकता है। स्त्री का प्रेम महान्, उन्नत और अधिकांश रूप से आत्मिक, आध्यात्मिक अनुभव है; जबकि पुरुष के लिए वह क्षणिक संवेग का नाम है। स्त्री की नीति उम्र भर एक ही पुरुष को समर्पित रहने की होती है, जबकि पुरुष एक से अधिक विवाह करके भी सबको चाह सकता है। स्त्री क्षमा कर सकती है, पुरुष के भयानक-से-भयानक अपराध को, जबकि पुरुष धर्म और वैर की भाषा ही जानता है।”
―
कृष्णायन
Share this quote:
Friends Who Liked This Quote
To see what your friends thought of this quote, please sign up!
0 likes
All Members Who Liked This Quote
None yet!
This Quote Is From
Browse By Tag
- love (101930)
- life (80622)
- inspirational (76797)
- humor (44697)
- philosophy (31528)
- inspirational-quotes (28797)
- god (27028)
- wisdom (24958)
- truth (24948)
- romance (24597)
- poetry (23661)
- life-lessons (22799)
- quotes (21245)
- death (20741)
- happiness (19019)
- hope (18791)
- faith (18605)
- inspiration (17944)
- spirituality (15962)
- motivational (15923)
- relationships (15863)
- religion (15508)
- life-quotes (15402)
- writing (15053)
- love-quotes (14956)
- success (14217)
- motivation (13935)
- time (12968)
- motivational-quotes (12224)
- science (12221)

