(?)
Quotes are added by the Goodreads community and are not verified by Goodreads. (Learn more)
रांगेय राघव

“महावीर के पास चला गया।” “कौन निग़ंठ नातपुत्त के पास?” “हाँ!” “वह तो नंगा रहता है न?” “हाँ, वत्से। कहते हैं सब राग-द्वेष नष्ट हो चुका है उसका।” “होगा देवी! पर मैं इस सबको श्रेष्ठ नहीं मानती। एक चषक में शुद्ध करके जल को रखा भी जाए तो क्या उससे जल की महागति रुक जाएगी? यह व्यक्ति रूप में जो संसार छोड़ने का नाम लेकर रहते हैं वे संसार कहाँ छोड़ते हैं। माना कि वे स्त्री से दूर रहते हैं, उनमें स्त्री को देखकर वासना भी नहीं जागती, परन्तु पानी और अन्न”

रांगेय राघव, यशोधरा जीत गई
Read more quotes from रांगेय राघव


Share this quote:
Share on Twitter

Friends Who Liked This Quote

To see what your friends thought of this quote, please sign up!

0 likes
All Members Who Liked This Quote

None yet!


This Quote Is From

यशोधरा जीत गई यशोधरा जीत गई by रांगेय राघव
11 ratings, average rating, 3 reviews

Browse By Tag