खंड १ Quotes

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खंड १: आह्वान: एक विलुप्त पुरातन सत्य जिसने इतिहास को बौना कर दिया [Khand 1: Aahvan] खंड १: आह्वान: एक विलुप्त पुरातन सत्य जिसने इतिहास को बौना कर दिया [Khand 1: Aahvan] by Saurabh Kudesia
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खंड १ Quotes Showing 1-3 of 3
“मानवता का आधार भय नहीं आस्था है। भय कर्म-जनित होता है, किन्तु आस्था धर्म का आधार होती है। कर्म को त्यागकर अधर्म को सशक्त बनाने का पाप ढोते हुए जीवित रहने से उत्तम होगा हम धर्म रक्षा में प्राणों की आहुति दे। इन विषम परिस्थितियों में कर्म हमारी एकमात्र संजीवनी है। अपने कर्मों से विमुख होकर हमें मुक्ति प्राप्त नहीं होगी।”
Saurabh Kudesia, खंड १: आह्वान: एक विलुप्त पुरातन सत्य जिसने इतिहास को बौना कर दिया [Khand 1: Aahvan]
“मानवता का आधार भय नहीं आस्था है। भय कर्म-जनित होता है, किन्तु आस्था धर्म का आधार होती है। कर्म को त्यागकर अधर्म को सशक्त बनाने का पाप ढोते हुए जीवित रहने से उत्तम होगा हम धर्म रक्षा में प्राणों की आहुति दे। इन विषम परिस्थितियों में कर्म हमारी एकमात्र संजीवनी है। अपने कर्मों से विमुख होकर हमें मुक्ति प्राप्त नहीं होगी।"
- खंड १: आह्वान - सौरभ कुदेशिया”
Saurabh Kudesia, खंड १: आह्वान: एक विलुप्त पुरातन सत्य जिसने इतिहास को बौना कर दिया [Khand 1: Aahvan]