Dopehri Quotes

Rate this book
Clear rating
Dopehri Dopehri by Pankaj Kapur
1,307 ratings, 3.97 average rating, 302 reviews
Dopehri Quotes Showing 1-1 of 1
“जुम्मन ने ख़ुद को दुत्कारा, “लानत है ऐसे दोस्त पर शक़ किया जो तेरे लिए नौकरी क़ुर्बान कर आया।” उसे क्या पता था के श्रीवास्तव जी ने जूते मारकर निकाला था नथ्थू को। जमादारनी के साथ चौकीदारी करते पकड़ लिये गये थे उस्ताद।”
Pankaj Kapur, Dopehri (Hindi)