Bahut Door, Kitna Door Hota Hai Quotes

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Bahut Door, Kitna Door Hota Hai Bahut Door, Kitna Door Hota Hai by Manav Kaul
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“कुछ तार कभी टूटते नहीं हैं. कितनी भी कोशिशें क्यों न कर लें. उन्हें लाख आश्वासन भी क्यों न दें कि अभी तोड़ रहे हैं, पर बाद में गांठ बांध कर फिर से जोड़ सकते हैं, पर वह मानते नहीं हैं. सारे तनाव, खिंचाव के साथ वह भीतर कहीं बहुत महीन त्रासदी के साथ जुड़े रहते हैं.”
Manav Kaul, Bahut Door, Kitna Door Hota Hai
“बहुत दूर आने पर भी बहुत दूर आ गए हैं का एहसास नहीं होता है. अपना जिया हुआ अभी भी पूरे शरीर में, कल ही की तो बात है, जैसी हरकत कर रहा होता है. उदासी किस तरह परछाई की तरह बिल्कुल साथ में सरक रही होती है.”
Manav Kaul, Bahut Door, Kitna Door Hota Hai
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“कितनी दूर?” “बहुत दूर।” “नदी के उस पार तक…।” “नहीं… और दूर… जहाँ ये हाईजाज जाता है।” “कहाँ जाता है हवाई जहाज?” “बहुत ही दूर।” “तेरे को पता है बहुत दूर कितना दूर होता है?” “कितना?” “अबे जहाज तो चाँद पर भी जाते हैं।” “ये वाला थोड़ी जाता होगा।” “क्या पता!”
Manav Kaul, Bahut Door, Kitna Door Hota Hai । बहुत दूर, कितना दूर होता है
“और फिर वही त्रासदी हुई कि हम भटके नहीं”
Manav Kaul, Bahut Door, Kitna Door Hota Hai
“उसने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और कहा, “ये यहीं तक नहीं है और अगर ये यहीं तक है तो मुझे ये बात जाननी नहीं है।” वह पलटकर चल दी। मैं कुछ भी नहीं कह पाया। मैं देर तक उसे जाता हुआ देखता रहा, पर वह अंत तक पलटी नहीं। उसकी चाल में सख़्ती थी और उसका सिर झुका हुआ था। वह मुझे ऐसी कविता लग रही थी जो आप हमेशा से लिखना चाह रहे थे।”
Manav Kaul, Bahut Door, Kitna Door Hota Hai । बहुत दूर, कितना दूर होता है
“कुछ आकृतियाँ, समर्पण का एक रौशनदान खोल देती हैं। इन्हें फिर से देखना हर बार पहली बार देखने जैसा लगता है।”
Manav Kaul, Bahut Door, Kitna Door Hota Hai । बहुत दूर, कितना दूर होता है