Bharat Aur Uske Virodhabhas Quotes
Bharat Aur Uske Virodhabhas
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Bharat Aur Uske Virodhabhas Quotes
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“विशेषाधिकार से लैस लोगों और बाकी लोगों के बीच असमानता की सामान्य समस्या”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“विशेषाधिकार से लैस लोगों को हासिल विषमतापूर्ण ताकत भारत के उस समतापूर्ण विकास की प्राथमिकताओं में होनेवाली विकृति का बड़ा स्रोत है, जिस समतापूर्ण विकास के प्रति यह देश तब से प्रतिबद्ध है”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“निजी क्षेत्र भी काफी अकुशल हो सकता है लेकिन वहाँ जवाबदेही नाम की एक चीज होती है कि अकुशलता से निजी हानि होती है या निजी मुनाफा घटता है और व्यापारिक तर्क या बाजार का अनुशासन इसके लिए दंडित करता है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“सुसंचालित सार्वजनिक उपक्रमों के साथ ही बेहतर सेवाएँ देनेवाली बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं की जरूरत के पक्ष में तर्क मजबूत हो सकता है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“सार्वजनिक क्षेत्र को अगर व्यावहारिक तौर पर अच्छी व्यवस्था प्रदान की जाए तो वह जनता के हितों को किन मामलों में निजी क्षेत्र के मुकाबले बेहतर सेवा प्रदान कर सकता है? सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को किस तरह ऐसा जवाबदेह बनाया जाए कि वे उन उद्देश्यों को अच्छी तरह पूरा करें, जिनके लिए उन्हें बनाया गया था? दूसरे”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“अर्थव्यवस्था और जनता को अच्छी तरह काम करनेवाले सार्वजनिक क्षेत्र की कितनी ‘जरूरत’ है, न कि इस बात पर कि कथित रूप से जरूरी सार्वजनिक संस्थाओं को आखिर किस तरह चलाया जाए और इनसे जुड़े निर्णयकर्ताओं और संचालकों को किस तरह जवाबदेह बनाया जाए।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“आँकड़ों के विश्लेषण से इस बात की पुष्टि होती है कि ब्राजील में आय के पुनर्वितरण ने गरीबी घटाने में भूमिका निभाई।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“ब्राजील इस तरह के विस्तार का कई तरह से एक उपयुक्त उदाहरण था। साठ और सत्तर वाले दशकों में वह दुनिया में सबसे तेजी से आर्थिक वृद्धि कर रहे देशों में एक था लेकिन वहाँ की अधिकांश आबादी के बड़े तबकों का जीवन-स्तर बहुत निम्न था। इसके ठीक विपरीत नब्बे वाले दशक में दक्षिण कोरिया की ज्यादा समतामूलक तथा सहभागितापूर्ण आर्थिक वृद्धि पर हमने टिप्पणी की थी कि “खतरा यह है कि भारत दक्षिण कोरिया से ज्यादा ब्राजील के रास्ते पर चलने की ओर उन्मुख दिखता है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“दक्षिण एशियाई पहेली’ नाम दिया जाता रहा है। दक्षिण एशिया में महिलाओं के दमन को इस पहेली के लिए जिम्मेदार बताया जाता रहा है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“स्त्री-पुरुष समानता लाने की दिशा में बांग्लादेश ने काफी तेजी से कदम बढ़ाए हैं, इतना कि स्कूली शिक्षा और साक्षरता दर के मामलों में बांग्लादेशी लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“स्त्री-पुरुष भेदभाव से सम्बन्धित कई संकेतकों के मामले में बांग्लादेश भारत से काफी बेहतर है। उदाहरण के लिए, कामगारों में महिलाओं के शामिल होने की दर बांग्लादेश में भारत की इस दर से दोगुनी है (क्रमश: 57 और 29 प्रतिशत)।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“करीब 20 वर्षों में भारत बांग्लादेश के मुकाबले काफी अमीर हुआ है—1990 में प्रति व्यक्ति आय का उसका आँकड़ा बांग्लादेश के आँकड़े से 60 प्रतिशत ज्यादा था और अनुमान है कि 2011 में यह दोगुने के करीब पहुँच गया। लेकिन इसी अवधि में बांग्लादेश जीवन-प्रत्याशा, शिशु मृत्यु-दर, टीकाकरण दरों में बढ़ोतरी, प्रजनन दरों में गिरावट, यहाँ तक कि स्कूली शिक्षा के कुछ पहलुओं आदि कई तरह के बुनियादी सामाजिक संकेतकों के मामलों में भारत से आगे निकल गया है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“7 प्रतिशत की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर वाले देश में प्रति व्यक्ति आय 10 साल में दोगुनी हो जाती है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“ऊँची प्रति व्यक्ति आय को—बेहतर सामाजिक संकेतकों में परिवर्तित होने में समय लगता है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“घोर गरीबी से ग्रस्त कम्बोडिया, हाइती, पापुआ न्यू गिनी और यमन जैसे कुछ देश अपवाद हैं,”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका, दुनिया के दो ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ वंचित तथा अभावग्रस्त मनुष्य सबसे ज्यादा रहते हैं।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“विकास को पर्यावरण-केन्द्रित होना ही होगा। और यह धारणा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी हैं, इस मान्यता से मेल नहीं खाती”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“जीवन-स्तर के अहम तत्व पर्यावरण की अखंडता पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, जिनमें वह हवा भी शामिल है जिसे हम साँस में भरते हैं, वह पानी शामिल है जिसे हम पीते हैं”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“विकास अन्तत: मानव स्वाधीनता की प्रगति है और ऐसा जीवन जी पाने की क्षमता हासिल करना है,”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“विकास का अर्थ सिर्फ सुविधा के निर्जीव तत्त्वों—मसलन जीडीपी (या व्यक्तिगत आय) में बढ़ोतरी—में वृद्धि नहीं है। न ही इसका अर्थ हमारे इर्द-गिर्द की दुनिया में सामान्य परिवर्तन है,”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“विकास का अर्थ अगर मनुष्य की स्वाधीनताओं को बढ़ाना और जीवन-स्तर को ऊपर उठाना है—इस महत्त्वपूर्ण समझदारी के लिए हम आग्रह करते रहे हैं—तो हम जिस चीज को संरक्षित करना और आगे बढ़ाना चाहते हैं उसमें पर्यावरण की गुणवत्ता भी शामिल होगी।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“इस बरबादी को प्राय: ‘पर्यावरण’ और ‘विकास’ के बीच टकराव के लक्षण के रूप में देखा जाता है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“आर्थिक वृद्धि की संस्थागत जरूरतों को विशिष्ट उपायों तथा संगठनों के द्वारा पूरा करना होगा।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“मानव क्षमता के विस्तार में शिक्षा और अन्य उपायों की बुनियादी भूमिका विकास सम्बन्धी चिन्तन में एक ठोस सूत्र है और”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“मानव क्षमता के विस्तार में शिक्षा और अन्य उपायों की बुनियादी भूमिका विकास सम्बन्धी चिन्तन में एक ठोस सूत्र है”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“किसी भी समुदाय में कोई परिवार अशिक्षित नहीं रहेगा और किसी भी परिवार में कोई भी व्यक्ति अशिक्षित नहीं रहेगा।” जापान”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“शिक्षा और ज्ञान के प्रसार की मदद से कुल उत्पादकता बढ़ाकर आर्थिक वृद्धि हासिल करना कोई रहस्य की बात नहीं है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
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“शिक्षा और ज्ञान तथा हुनर के विकास को आर्थिक-सामाजिक विकास में खासतौर से एक केन्द्रीय भूमिका निभानी होती है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
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“शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में प्रगति न होने से लोगों में वह क्षमता नहीं पैदा हो पाती कि वे मैनुफैक्चरिंग के क्षेत्र में प्रवेश कर सकें और प्रगति कर सकें।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
“आर्थिक सुधारों के पैरोकार इस धीमी चाल से चिढ़ते हैं। लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसी की उम्मीद की जाती है।”
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
― Bharat Aur Uske Virodhabhas
