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Mai Quotes

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Mai Mai by Geetanjali Shree
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Mai Quotes Showing 1-3 of 3
“वैसे यह तो हम बाद में समझ गए कि तानाशाही की भी किस्में होती हैं (क्लबों की ही नहीं !) - रोबीले तेवर, भयानक बर्बरता, एक; तो अनदेखा करना, मासूम नासमझी बरतना, दो।”
― Geetanjali Shree, Mai
“बाक़ी सबका जीवन जहाँ नियमबद्ध या कैदी था, एक वही उनके बीच कबूतर की तरह इधर-उधर जिधर चाहे फुदक लेते, कबूतर की ही तरह दुर्बल, कबूतर की ही तरह आज़ाद।”
― Geetanjali Shree, Mai
“हम तो शुरू से जानते थे कि माई की रीढ़ की हड्डी कमज़ोर है।
डॉक्टर ने भी बाद में यही कहा।
कि हरदम झुकनेवालों का यही हश्र होता है। लगातार झुके रहने के कारण रीढ़ों के बीच का तत्त्व घिस जाता है और नसों पर यहाँ-वहाँ दबाव पड़ने लगता है।”
― Geetanjali Shree, Mai
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