मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ Quotes

Rate this book
Clear rating
मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ by Malti Joshi
225 ratings, 4.35 average rating, 9 reviews
मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ Quotes Showing 1-28 of 28
“यों तो बिटिया रानी हमारी किसी बात में दखल नहीं देती थी, पर उसकी यह उपेक्षा ही मन पर बोझ बन जाती थी।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“पति ताले में कैद करके रखने की चीज नहीं है। उसे तो मन की डोर से बाँधना पड़ता है। वह चाहे कहीं भी भटकता रहे, बसेरे के लिए अपने ठिकाने पर ही लौट कर आता है।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“औरत को तो सहना ही पड़ता है। उसकी सहनशक्ति के बल पर ही तो गृहस्थी की इमारत खड़ी होती”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“जितनी मिठास उसकी बोली में है, उतना ही स्वाद उसके हाथ में है!”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“बताइए तो? मैं कुँआरी हूँ या विवाहिता? विधवा हूँ या परित्यक्ता?”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“बेटे की शादी होती है, तो घर खुशियों से भर जाता है, पर बेटी के साथ तो सारी रौनक ही विदा हो जाती है।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“प्रचलित मायनों में जिसे अत्याचार कहते हैं, वह तो आप कर नहीं सकते थे, क्योंकि मैं उतनी बेचारी नहीं हूँ। आपका तरीका बहुत सोफिस्टिकेटेड है और एप्रोच बहुत ही प्रैक्टीकल। बहुत आसानी से आप सामने वाले की भावनाओं को अनदेखा कर सकते हैं।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“हाँ, यही आखिरी और अनिवार्य शर्त है,’’ मैंने कहा और दोनों हाथों से अपना चेहरा ढाँप लिया। मेरी प्रगतिशीलता का नकाब किसी ने फाड़कर फेंक दिया।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“क्या लड़की के कॅरियर की यही एक आखिरी शर्त है? शादी! ओ गॉड!’’ ‘‘हाँ, यही आखिरी और अनिवार्य शर्त है,’’ मैंने कहा और दोनों हाथों से अपना चेहरा ढाँप लिया। मेरी प्रगतिशीलता का नकाब किसी ने फाड़कर फेंक दिया। और मुझे अब अपने चेहरे पर शर्म आ रही थी। ”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“कला की प्रशंसा करना एक बात है, कलाकार से शादी करना एकदम दूसरी।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“अगर हमें अपने बच्चों के पंख कुतरने ही होते हैं तो पहले हम उन्हें आकांक्षाओं का आकाश देते ही क्यों हैं?”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“उनके स्वर का गीलापन मुझे छू गया?”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“छोटी बच्ची भी इस स्पर्श की भाषा को बखूबी समझती है, फिर चाहे वह स्पर्श नौकर का हो, दोस्त का हो, सहकर्मी का हो, औरत इसे परखने में कभी गलती नहीं करती। ईश्वर ने स्त्री को यह अद्भुत सहज ज्ञान प्रदान किया है। भीड़ की धकापेल में भी वह हर स्पर्श को अलग से परिभाषित कर सकती है।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“चंदन भी कभी-कभी आग पकड़ लेता है।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“अपनी जबान पर, अपने गुस्से पर काबू रखो। ये छोटी-छोटी बातें ही गृहस्थी में दरार पैदा करती हैं।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“जिस तत्परता से आपने अपने भाई की बीमारी और अब मृत्यु की खबर पहुँचाई है, उसी तत्परता से कभी हमारी भी खोज-खबर ली होती। आपके खानदान की बेटियाँ थीं हम।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“जो बच्चे सिंगल पेरेंट द्वारा पाले जाते हैं—थोड़े अलग होते हैं। वे ज्यादा भावुक, ज्यादा संवेदनशील, ज्यादा गुस्सैल या ज्यादा जिद्दी होते हैं।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“भाई के घर में हमेशा निभाव होना कठिन था,”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“वे स्वामी थे। मम्मी पत्नी कम, नौकरानी ज्यादा थीं। नौकरानी, जिसे तनख्वाह न देनी पड़ती हो। मेज सँवारने से लेकर सेज सँवारने तक का हर काम खुशी-खुशी करना उनका फर्ज था। पति के जूते तक उन्हें उतारने होते थे, साफ करने होते थे, जबकि वे खुद पैर की जूती से ज्यादा कुछ नहीं थीं।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“सुख के इस अथाह सागर में भी मैं दुःख के कण कहाँ से बीन लेती हूँ।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“इस घर में कोई मन भरकर उदास भी नहीं हो सकता।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“वैसे भी टूटकर प्रेम करनेवाली पीढ़ी अब रही कहाँ। वे लोग तो कब के इतिहास बन गए।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“उसका स्वर एकदम तरल हो आया—‘‘पापा! आजकल लोग नाप-तौलकर ही प्यार करने लगे हैं न!’’ उसके स्वर का गीलापन मुझे भीतर तक भिगो गया।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“अगर उसे पी.जी. में एडमिशन नहीं मिलता तो उसे लिफ्ट थोड़े ही देता, किसी और को पटा लेता।’’ उसका स्वर अत्यंत कसैला हो गया था।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“बड़ी हो गई है। इसीलिए तो इतनी फिक्र हो रही है। पर ये बातें पुरुषों के दिमाग में कभी नहीं आतीं। फिक्र करने का जिम्मा जैसे माँ ने ही उठाया हुआ है।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“पिंकी से पूछा तो बोली, ‘‘जनाब खेल-खेल में लाइफ पार्टनर बनने के सपने देखने लगे थे। हाऊ रबिश!”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“अरे मुझे देखेगा तो पास बिठा लेगा। मेरे हालचाल पूछेगा। दफ्तर की बातें बताएगा। बहू को यह सब अच्छा नहीं लगता। कहती है, शादी क्यों की? जिंदगी भर अम्माँ के पल्लू से बँधे रहते।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ
“हुनर तो तिजोरी में रखे धन की तरह होता है। जब चाहा, काम में ले लिया।”
Malti Joshi, मालती जोशी की लोकप्रिय कहानियाँ