Suspected Poems Quotes
Suspected Poems
by
Gulzar180 ratings, 4.19 average rating, 36 reviews
Suspected Poems Quotes
Showing 1-4 of 4
“सत्तर साल हुए हैं, मैं इस ट्रेफ़िक जैम में फँसा हुआ हूँ न्यु देहली की पार्लियामेंट रोड पे होड़ लगी है दायें तरफ़ की एक क़तार में धक्कम पेल लगी है कब से बायें तरफ़ कुछ और क़तारें उलझ गई हैं देखो तो बन्दे पर बन्दा चढ़ा हुआ है सीटें बांट रहा है कोई, कुर्सियाँ खींच रहा है न आगे बढ़ता है कोई, न पीछे हटता है ट्रेफ़िक जैम में फसाँ हुआ हूँ सत्तर साल हुए हैं!”
― Suspected Poems
― Suspected Poems
“डस्टबिन’ में फेंके हुये इक बच्चे को इक कुतिया ने तीन दिन तक दूध पिला कर ज़िन्दा रखा फिर लोग ले गये . . . दिन रात वहीं, पंजों से अब वो कूड़ा कुरेदा करती है!”
― Suspected Poems
― Suspected Poems
“अख़बार उठाया तो कुछ छोटी-छोटी ख़बरें, गोद में आन गिरीं!”
― Suspected Poems
― Suspected Poems
“ताज़ा ख़बरें, जो ताज़ा हैं, आज के लिये हैं हरी-हरी सब्ज़ ताज़ा तर्कारियां हैं सारी ये आज ही इस्तमाल कर के, भूल जायें!”
― Suspected Poems
― Suspected Poems
