बेटी का धन Quotes

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बेटी का धन बेटी का धन by Munshi Premchand
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“कैसी ही अच्छी वस्तु क्यों न हो, जब तक हमको उसकी आवश्यकता नहीं होती तब तक हमारी दृष्टि में उसका गौरव नहीं होता।”
Munshi Premchand, बेटी का धन
“महत्वाकांक्षा आखों पर परदा डाल देती है।”
Munshi Premchand, बेटी का धन
“आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन गरूर है।”
Munshi Premchand, बेटी का धन
“इसलिए कि जहां दौलत ज्यादा होती है, वहां डाके पड़ते हैं और जहां कद्र ज्यादा होती है, वहां दुश्मन भी ज्यादा होते हैं।”
Munshi Premchand, बेटी का धन
“लड़कों को अपने माता-पिता से वह प्रेम नहीं होता जो लड़कियों को होता है।”
Munshi Premchand, बेटी का धन