Soch Kya Hai Quotes

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Soch Kya Hai (Hindi) Soch Kya Hai by J. Krishnamurti
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“किसी बच्चे को कोई खिलौना मिल जाए तो वह उसमें ऐसा मग्न हो जाता है कि उसकी सारी शरारतें बंद हो जाती हैं, वह पूरी तरह से उस खिलौने में व्यस्त हो जाता है। पर जब उससे वह खिलौना टूट जाता है तो वह फिर से अपनी पुरानी दशा में लौट आता है। हममें से अधिकांश लोग भी अपने अपने कई तरह के खिलौनों में मग्न रहते हैं; जब वे खिलौने खो जाते हैं, तब हम अपनी पूर्वदशा में लौट आते हैं। बिना किसी खिलौने के, बिना किसी दिशा-निर्देश के, बिना किसी प्रयोजन के, अपने-आपको समझ पाना ही विशेषज्ञता से मुक्ति है, और ऐसा होने पर पूरे का पूरा मस्तिष्क क्रियाशील हो जाता है। पूरे के पूरे मस्तिष्क का सक्रिय होना ही संपूर्ण अवधान है।”
J. Krishnamurti, Soch Kya Hai