Mrigtrishna by SUDHA MURTY Quotes

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Mrigtrishna by SUDHA MURTY: A Collection of Thoughtful Stories (Hindi Edition) Mrigtrishna by SUDHA MURTY: A Collection of Thoughtful Stories by Sudha Murty
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“डॉक्टर, क्या एक पुरुष को कृतज्ञता और प्यार की जरूरत नहीं होती।’’ ‘‘बिलकुल होती है। लेकिन राजनीति और व्यवसाय जैसे काफी प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में, इन्हें कमजोर और अवांछित भावनाएँ माना जाता है। सबसे ऊपर सिर्फ एक स्थान होता है और आपको वहाँ तक पहुँचने के लिए दूसरों के ऊपर से गुजरना होता है।’’ ‘‘लेकिन उससे व्यक्ति के पारिवारिक जीवन पर असर नहीं पड़ता?’’ ‘‘हाँ, पड़ता है। लेकिन परिवार के लिए नियम व्यवसाय के नियमों से अलग होते हैं। इन दोनों को एक ही कसौटी पर नहीं कसना चाहिए। खुशहाल परिवार के लिए सौम्यता जरूरी है। लेकिन प्रतिस्पर्धी भावना परिवार को नष्ट कर देती है। आँकड़ों से पता चलता है कि पुरुष लंबे समय तक सफलतापूर्वक व्यवसाय में तभी रह पाते हैं, अगर उन्हें परिवार का समर्थन मिले।”
Sudha Murty, Mrigtrishna by SUDHA MURTY: A Collection of Thoughtful Stories
“अगर तुम कोई व्यवसाय कर रहा हो तो किसी के साथ अधिक दोस्ती न करो, क्योंकि आखिरकार वे तुमसे ऋण माँगेंगे। दोस्त बनने के बाद किसी से पैसे वापस माँगना कठिन है। तुम पैसे भी खो दोगे और दोस्ती भी।”
Sudha Murty, Mrigtrishna by SUDHA MURTY: A Collection of Thoughtful Stories
“गरीब आदमी की बेटी की सुंदरता ही उसके लिए अच्छा वर नहीं सुनिश्चित कर सकती।”
Sudha Murty, Mrigtrishna by SUDHA MURTY: A Collection of Thoughtful Stories
“जब बेटियाँ बड़ी हो जाती हैं तो वे माँओं की अच्छी दोस्त बन जाती हैं, लेकिन लड़के बड़े होने पर अजनबी बन जाते हैं।”
Sudha Murty, Mrigtrishna by SUDHA MURTY: A Collection of Thoughtful Stories