नीलाम्बरा Quotes
नीलाम्बरा
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Neelambra11 ratings, 4.00 average rating, 1 review
नीलाम्बरा Quotes
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“सच है कण का पार न पाया, बन बिगड़े असंख्य संसार; पर न समझना देव हमारी— लघुता है जीवन की हार!”
― नीलाम्बरा
― नीलाम्बरा
“सुख-दुख की बुदबुद्-सी लड़ियाँ बन बन उसमें मिट जातीं, बूंद बूंद होकर भरती वह भरकर छलक-छलक जातीं!”
― नीलाम्बरा
― नीलाम्बरा
“जो न होकर भी बना सीमा क्षितिज वह रिक्त हूँ मैं, विरति में भी चिरविरति की बन गई अनुरक्ति हूँ मैं”
― नीलाम्बरा
― नीलाम्बरा
“नाश भी हूँ मैं अनन्त विकास का क्रम भी, त्याग का दिन भी चरम आसक्ति का तम भी; तार भी आघात भी झंकार की गति भी, पात्र भी मधु भी मधुप भी मधुर विस्मृति भी; अधर भी हूँ और स्मित की चाँदनी भी हूँ!”
― नीलाम्बरा
― नीलाम्बरा
