मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan] Quotes
मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
by
Amrita Pritam484 ratings, 4.16 average rating, 45 reviews
मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan] Quotes
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“काहनी लिखनेवाला बङा नहीं होता, बङा वह है जिसने काहनी अपने जिसम पर झेली है।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“होंठों पर जिन्दगी की प्यास है”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“कहीं भूलना अपने बस में होता!”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“तेरहवाँ-चौदहवाँ वर्ष, पता नहीं, कैसा होता है! यह शायद एक देहलीज़ होती है बचपन और जवानी के बीच”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“एक बार अगर कोई मुहब्बत के कुएँ में गिर पड़े तो फिर वह किसी से नहीं निकाला जाता।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“वह धरती नरक होती है जहाँ महुआ नहीं उगता.
कहानी "उधड़ी हुई कहानियाँ" से”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
कहानी "उधड़ी हुई कहानियाँ" से”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“बाहर तो देख लेती ।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“चाहे कोई रूपो या चाहे कोई और, किसने अपने मन की तहों में कोई रूमाल या कोई अँगूठी नहीं दबाई हुई होती!”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“आँखों से रोई मगर होंठों से कहने लगी,”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“हीरे जैसी लड़की को तराजू में रखकर चाँदी के रुपयों की एवज कॅकड़ के पल्ले बाँध दिया!”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“पर चूल्हा बनाते समय वह ऐसे गाती है, जैसे कोई चरखा काते और लम्बा गीत शुरू कर दे!”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“लगता था वह अभी रो पड़ेगी, पर वह रोई नहीं। या ऐसा रोना रोई जो किसी को दिखाई नहीं दिया! देखा, हम स्त्रियाँ कैसा रोना रो सकती हैं!”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“हँस-बोल लेने का प्यार मेरी हड्डियों में समा गया है। लहू में रच गया है।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“हँस-बोल लेने की प्रीत अब बन्ती के कण्ठ में से होकर उसके दिल में उतरने लग गई थी।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“इस वर्ष लड़कियों का एक पाँव देहलीज़ के इधर और एक पाँव देहलीज़ के उधर होता है।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“सभ्यता का युग तब आएगा जब औरत की मरजी के बिना कोई औरत के जिस्म को हाथ नहीं लगाएगा।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“प्यार होता, तो ज़िन्दगी से लम्बा होता।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“उस प्यार के नहीं जो एक फूल की तरह गमले में रोपा जाता है। मैं उस प्यार के गीत लिखूंगी, जो गमले में नहीं उगता, जो सिर्फ धरती में उग सकता है।”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“किसी की हँसी में एक विश्वास घुला हुआ हो, उस समय उसकी आँखों में जो चमक उतर आती है,”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
“गुलियाना के चेहरे की ओर देखती हुई मैं सोचने लगी कि इस धरती पर वे घर कब कब बनेंगे जिनके दरवाज़े तारों की चाबियों से खुलते हों.
कहानी 'गुलियाना का एक ख़त' से”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
कहानी 'गुलियाना का एक ख़त' से”
― मेरी प्रिय कहानियाँ [Meri Priya Kahaniyaan]
