विराज बहू Quotes
विराज बहू
by
Sarat Chandra Chattopadhyay783 ratings, 3.87 average rating, 33 reviews
विराज बहू Quotes
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“उसकी आंखों के आगे ऐसा अन्धकार छा गया जैसे तेज बिजली के चमक जाने से आंखें चौंधिया गई हों”
― बिराज बहू
― बिराज बहू
“नशेबाज सब कुछ सहन कर सकता है, लेकिन अपनी बुद्धि भ्रष्ट हो जाने की बात सहन नहीं कर सकता”
― बिराज बहू
― बिराज बहू
“भाटे के खिंचाव में पानी जैसे पल-पल अपने क्षय के चिह्नों को तट प्रदेश में अंकित करके धीरे- धीरे दूर होता चला जाता है”
― बिराज बहू
― बिराज बहू
