51 ओशो की कहानियाँ Quotes

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51 ओशो की कहानियाँ: जीवन को भीतर से रूपांतरित करने वाली बोधकथाएँ (Ocean of Osho's Stories Book 2) (Hindi Edition) 51 ओशो की कहानियाँ: जीवन को भीतर से रूपांतरित करने वाली बोधकथाएँ (Ocean of Osho's Stories Book 2) by Parth Toroneel
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“देर रात में अचानक पादरी आया और ईसा के पैरों में गिर गया। फिर हाथ जोड़कर बोला, “प्रभु, मुझे क्षमा करें। मैंने आपको पेड़ के नीचे ही पहचान लिया था, पर भक्तों के सामने आपकी पहचान उजागर होती तो भारी मुश्किल खड़ी हो जाती। आपके नाम पर दुनियाभर में चल रहे हज़ारों चर्च, लाखों पादरियों और करोड़ों भक्तों की व्यवस्था हिल जाती। मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूँ कि आपके नाम पर अठारह सौ वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को हमारे तरीके से चलने दें। आप कृपया स्वर्ग में ही रहें, अन्यथा फिर से सूली पर चढ़ने का समय आ जाएगा।”
Parth Toroneel, 51 ओशो की कहानियाँ: जीवन को भीतर से रूपांतरित करने वाली बोधकथाएँ (Ocean of Osho's Stories Book 2)
“सुख या आनंद साधनों से नहीं मिलता। यह सरल, सहज, और प्राकृतिक जीवन जीने से मिलता है। साधन आपको निर्भर बना देते हैं, और उनसे मिलने वाला सुख कृत्रिम होता है।”
Parth Toroneel, 51 ओशो की कहानियाँ: जीवन को भीतर से रूपांतरित करने वाली बोधकथाएँ (Ocean of Osho's Stories Book 2)