पंच-परमेश्वर Quotes
पंच-परमेश्वर
by
Munshi Premchand416 ratings, 4.29 average rating, 22 reviews
पंच-परमेश्वर Quotes
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“इतना पुराना मित्रता-रूपी वृक्ष सत्य का एक झोंका भी न सह सका। सचमुच वह बालू की ही ज़मीन पर खड़ा था।”
― पंच-परमेश्वर
― पंच-परमेश्वर
“जुम्मन शेख़ और अलगू चौधरी में गाढ़ी मित्रता थी। साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा था। एक को दूसरे पर अटल विश्वास था। जुम्मन जब हज करने गये थे, तब अपना घर अलगू को सौंप गये थे, और अलगू जब कभी बाहर जाते, तो जुम्मन पर अपना घर छोड़ जाते थे। उनमें न खान-पान का व्यवहार था, न धर्म का नाता; केवल विचार मिलते थे। मित्रता का मूलमंत्र भी यही है।”
― पंच-परमेश्वर
― पंच-परमेश्वर
“दोस्ती के लिए कोई अपना ईमान नहीं बेचता। पंच के दिल में खुदा बसता है।”
― पंच-परमेश्वर
― पंच-परमेश्वर
“अपने उत्तरदायित्व का ज्ञान बहुधा हमारे संकुचित व्यवहारों का सुधारक होता है।”
― पंच-परमेश्वर
― पंच-परमेश्वर
