देहाती दुनिया [Dehati Duniya] Quotes
देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
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शिवपूजन सहाय11 ratings, 4.36 average rating, 1 review
देहाती दुनिया [Dehati Duniya] Quotes
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“अपने व्यक्तिगत अनुभव के बल पर मैं इतना निस्संकोच कह सकता हूँ कि देहाती लोग आपस की बातचीत में जितने मुहावरों और कहावतों का प्रयोग करते हैं, उतने तो क्या, उसका चतुर्थांश भी हम पढ़े लिखे लोग नहीं करते।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“बुढ़वा बेईमान माँगे करैला का चोखा।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“जब खायेगा बड़े-बड़े कौर, तब पायेगा दुनिया में ठौर।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“कृस्न चले बैकुंठ को, राधा पकड़ी बाँहि।
यहाँ तमाकू खाई लेहु, उहाँ तमाकू नाँहि।।
चून तमाकू सानि के, बिन माँगे जे देई।
सूरपुर नरपुर नागपुर, तीनु बस करि लेई।।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
यहाँ तमाकू खाई लेहु, उहाँ तमाकू नाँहि।।
चून तमाकू सानि के, बिन माँगे जे देई।
सूरपुर नरपुर नागपुर, तीनु बस करि लेई।।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“बरसात का जल जैसे जाड़े में निर्मल हो जाता है, वैसे जवानी चढ़ते ही बुधिया का रूप मधुर हो गया।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“जो किसी दिन गोबर में से अनाज के दाने चुन-चुनकर खा जाती थी, वह अब पेड़ा-बरफी भी छील-छीलकर खाने लगी।”
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
― देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
