देहाती दुनिया [Dehati Duniya] Quotes

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देहाती दुनिया [Dehati Duniya] देहाती दुनिया [Dehati Duniya] by शिवपूजन सहाय
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“अपने व्यक्तिगत अनुभव के बल पर मैं इतना निस्संकोच कह सकता हूँ कि देहाती लोग आपस की बातचीत में जितने मुहावरों और कहावतों का प्रयोग करते हैं, उतने तो क्या, उसका चतुर्थांश भी हम पढ़े लिखे लोग नहीं करते।”
शिवपूजन सहाय, देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“बुढ़वा बेईमान माँगे करैला का चोखा।”
शिवपूजन सहाय, देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“जब खायेगा बड़े-बड़े कौर, तब पायेगा दुनिया में ठौर।”
शिवपूजन सहाय, देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“कृस्न चले बैकुंठ को, राधा पकड़ी बाँहि।
यहाँ तमाकू खाई लेहु, उहाँ तमाकू नाँहि।।
चून तमाकू सानि के, बिन माँगे जे देई।
सूरपुर नरपुर नागपुर, तीनु बस करि लेई।।”
शिवपूजन सहाय, देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“बरसात का जल जैसे जाड़े में निर्मल हो जाता है, वैसे जवानी चढ़ते ही बुधिया का रूप मधुर हो गया।”
शिवपूजन सहाय, देहाती दुनिया [Dehati Duniya]
“जो किसी दिन गोबर में से अनाज के दाने चुन-चुनकर खा जाती थी, वह अब पेड़ा-बरफी भी छील-छीलकर खाने लगी।”
शिवपूजन सहाय, देहाती दुनिया [Dehati Duniya]