प्रश्न और मरीचिका Quotes
प्रश्न और मरीचिका
by
Bhagwaticharan Verma4 ratings, 4.25 average rating, 0 reviews
प्रश्न और मरीचिका Quotes
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“प्रश्न ही प्रश्न! प्रत्येक उत्तर स्वयं में एक प्रश्न है। इन प्रश्नों में ही तो समस्त उत्सुकता है, समस्त कौतूहल है और यही कौतूहल तथा उत्सुकता जीवन की प्रेरणा है। जो उत्तर है वह मर चुका है, वह विगत है। जो प्रश्न है उसी में हमारी स्थापना है, वही अदृश्य और अज्ञात है, उसी की उपलब्धि में अमरत्व है। जिस समय प्रश्नों का अन्त हो जाता है उसी समय जीवन का भी अन्त हो जाता है और मैं अभी जीवित हूँ, इसलिए प्रश्नों से लदा हुआ मैं स्वयं अपने लिए प्रश्न बन चुका हूँ।”
― प्रश्न और मरीचिका
― प्रश्न और मरीचिका
