अप्सरा Quotes
अप्सरा
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सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'67 ratings, 3.85 average rating, 3 reviews
अप्सरा Quotes
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“आनन्द के समय जितना ही चुप रहा जाए, आनन्द उतना ही स्थायी होता है, और तभी उसकी अनुभूति का सच्चा सुख भी प्राप्त होता है।”
― Apsara
― Apsara
“तृष्णार्त को ईप्सित सुस्वादु जल नहीं मिल रहा था—सामने महासागर था, पर हाय, वह लवणाक्त था!”
― Apsara
― Apsara
“लोग पहले किसी सुन्दर वस्तु को उत्सुक आँखों से देखते हैं, पर जब किसी दूसरे स्वार्थ की याद आती है, आँखें फेरकर चल देते हैं।”
― Apsara
― Apsara
“साहित्यिक! तुम कहाँ हो? तुम्हें केवल रस-प्रदान करने का अधिकार है, रस-ग्रहण करने का नहीं।”
― Apsara
― Apsara
