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Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई Quotes
Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई
by
Manav Kaul104 ratings, 3.93 average rating, 17 reviews
Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई Quotes
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“मुझे लगता रहा कि इस दोस्ती की नींव में हार है। हम दोनों ही हारे हुए लोग थे। अंतर सिर्फ़ इतना था कि मैं अपनी हार में हमेशा बने रहना चाहता था और धीरू एक दिन जीत जाएगा के आभास में।”
― Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई
― Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई
“मुझे हमेशा यकीन रहा है कि दिन सब कुछ ठीक करने की क्षमता रखता है। दिन के सारे उतार-चढ़ाव शाम होने तक सुलझे हुए नज़र आते हैं। पर अगर शाम होतॆहोते सारा कुछ ठीक नहीं होता तो रात दिन की हार का महोत्सव मनाने से चूकती नहीं है।”
― Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई
― Tooti Hui Bhikhari Hui । टूटी हुई बिखरी हुई
