श्मशान चंपा Quotes
श्मशान चंपा
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श्मशान चंपा Quotes
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“केवल शरीर की व्याधि ही नहीं, मन की व्याधि भी माँ को धीरे-धीरे घुला रही”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“दुर्भाग्य के विष को कंठ ही में घुटक,”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“एक पल को उस विकृत हँसी के स्वर ने चंपा को सहमा दिया ।”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“मैं तक मैत, भै तक दैज।’ जब तक माँ है, तब तक मायका और जब तक भाई है तब तक दहेज ।”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“दिवस का अवसान समीप था, गगन था कुछ लोहित हो चला ।”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“लगता था, किसी सुदूर अतीत की निर्धूम वहि ही उस चेहरे को रह-रहकर म्लान कर रही है”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“श्मशान की ऊष्मा लिए उसका सौन्दर्य देखने वाले को सहमा जाता था ।”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“कहते हैं कि विपत्ति कभी अकेली नहीं आती। विपत्ति का मेघखंड पहले उस परिवार पर गृहस्वामी का सस्पेंशन बनकर मँडराया था”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“जनशून्य एकान्त की कामना थी।”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“यद्यपि यह उज्ज्वल, स्निग्ध और सुगंधित है तब भी श्मशानवीथी में विकसित चम्पक वृक्ष की भाँति लोगों द्वारा अभिगमनीय नहीं है । कोई भी तेरे पास नहीं आना चाहेगा। चंपा नहीं, श्मशान चंपा है तू”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“अविवाहित माताओं की परित्यक्त सन्तान”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“अंगों में यौवन की मादकता छलकी पड़ती थी, गंभीर मुखमंडल और आंखों में स्थिर तेज, साथ में अंकुरित नवयौवना”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“विवेक की न्यायतुला”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“एक शब्द न कहने पर भी, जैसे दोनों ने एक-दूसरे के हृदय में उमड़ रही तरंगों को छू लिया”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“सुव्यवस्थित जीवन में वह काल-वैशाखी की ही तेज़ी से आकर तोड़-फोड़”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“अवगुंठनवती नवोढ़ा”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“संयम की भीमशिला”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“यत्न से रोका गया अश्रुगहर”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“जो पुरुष किसी दूसरे पुरुष को प्रेयसी कहकर सम्बोधित कर सकता है, वह क्या कभी स्त्री से प्रेम कर सकता है?”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“मृतवत्सा गाय-सी ही रंभाने को व्याकुल हो उठी थी,”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“शुभ कार्य में विघ्न डालने वालों का संसार में कभी अभाव नहीं”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“बकर-बकर ही उसकी सौन्दर्य-आभा को स्वयं मलिन कर देती”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“चुप्पी ही तो उसका सबसे बड़ा आकर्षण”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“उस भ्रूविलास से स्पष्ट कर दिया”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“भुवन-मोहिनी भ्रूभंगिमा से ही बोलना सीख लिया”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“जहाँ ढोलक झमकी कि जया फिरकी-सी घूमने लगती। अपनी पतली कमर को वह बेंत-सा मोड़ती”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“मैल से पांडुजीर्ण कुरते का कॉलर देखकर उसे तरस आ गया था”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“अद्वितीया स्वर-लय-नटिनी,”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“आग्नेय दृष्टि से”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
“ठसकेदार चाल थी लड़की की और कैसी मद-भरी चितवन”
― श्मशान चंपा
― श्मशान चंपा
