Status Updates From लीला चिरन्तन
लीला चिरन्तन by
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विकास 'अंजान'
is on page 131 of 140
मन को अब तक पहचान पाया है कोई भला! मन जैसी चीज कभी किसी के हाथ लगी भी है?
और इसीलिए लोग, जैसा भी है चलते जाते हैं। मन-वन की अनदेखी करते हुए, 'सुख' पाने के लिए संसार बसाते जाते हैं।
— Jan 07, 2018 05:09PM
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और इसीलिए लोग, जैसा भी है चलते जाते हैं। मन-वन की अनदेखी करते हुए, 'सुख' पाने के लिए संसार बसाते जाते हैं।
विकास 'अंजान'
is on page 29 of 140
भैया भोला भाला है। वह ऐसी बातें नहीं ताड़ पाता। लेकिन मैं बहुत जल्द समझ गई थी कि पिताजी और माँ में जो 'रोमांस' रहा है - मैं उसे अपने हृदय में रचा बसा चुकी हूँ। कुछ और बड़ी हो जाने पर उन दोनों को एक साथ देखने पर यही जान पड़ता कि यह तो मानो सिनेमावाली रोमांटिक और हिट जोड़ी है।
बातों में अहंभाव, हँसी-मजाक के दौरान रोशनी की चिलक, और आँखों की पुतलियाँ नचाकर मतलब जता देना - यह सब मैं बहुत पहले ही जान गयी थीं।
— Jan 06, 2018 04:29AM
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बातों में अहंभाव, हँसी-मजाक के दौरान रोशनी की चिलक, और आँखों की पुतलियाँ नचाकर मतलब जता देना - यह सब मैं बहुत पहले ही जान गयी थीं।
Hamima Afroz Lopa
is on page 31 of 112
অনেক দিন পর আশাপূর্ণা দেবী'র কোন বই পড়ছিলাম...বরাবরের মত তাঁর সব উপন্যাসের মত এটাও পড়তে বেশ ভালো লাগছিল...কিন্তু গোল বাঁধলো অন্য জায়গায় গিয়ে...পড়তে গিয়ে দেখি মাঝে দুইটা পৃষ্ঠা নেই...পিডিএফ খোঁজা বৃথা জানার পরও খুঁজে দেখলাম এবং যথারীতি গুগলও আমাকে হতাশ করলো...পড়ার মাঝে এমন ঝঞ্ঝাট আসলেই খুব বিরক্তিকর...এমন একটি বই যেটার সফটকপি কিংবা হার্ডকপি কোনটাই কারও কাছে আছে বলেও মনে হচ্ছে না...:( :(
— Apr 11, 2016 06:27AM
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