Ramdhari Singh 'Dinkar' > Quotes > Quote > Shakti liked it
“पर, जाने क्यों, नियम एक अद्भुत जग में चलता है, भोगी सुख भोगता, तपस्वी और अधिक जलता है। हरियाली है जहाँ, जलद भी उसी खण्ड के वासी, मरु की भूमि मगर, रह जाती है प्यासी की प्यासी।”
― रश्मिरथी
― रश्मिरथी
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