Kamlesh D. Patel > Quotes > Quote > Suraj liked it

Kamlesh D. Patel
“एक खुला हृदय सूर्य के सामान है जो हरेक के लिए चमकता है। यह अपना प्रेम उत्सर्जित करने के अलावा और कुछ नहीं कर सकता। खुले हृदय से प्रेम बिना किसी भेद-भाव के बहता है। लेकिन हम सचमुच यह नहीं कह सकते कि हृदय प्रेम करता है। बल्कि एक खुला हृदय स्वयं ही प्रेम है और जो कोई इसकी किरणों में आकर खड़ा होता है वह महसूस करता है कि उसे प्रेम मिल रहा है। और बन्द हृदय क्या है? यह उस व्यक्ति के समान है जिसने स्वयं को पूरे दिन अन्दर बन्द रखा।”
Kamlesh D. Patel, The Heartfulness Way (Hindi)

No comments have been added yet.