जयशंकर प्रसाद > Quotes > Quote > Pradyumna tomar liked it
“देवि, जीवन विश्व की सम्पत्ति है। प्रमाद से, क्षणिक आवेश से, या दुःख की कठिनाइयों से उसे नष्ट करना ठीक तो नहीं।”
― ध्रुवस्वामिनी
― ध्रुवस्वामिनी
No comments have been added yet.
