Kanwal Sharma > Kanwal's Quotes

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  • #1
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “ भाई जान से जायेगा, तू भाई से जायेगा | "
    - Gawaahi”
    Surender Mohan Pathak, गवाही

  • #2
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “धोखा देना और धोखा खाना इंसानी फितरत है, जो इस लानत से आजाद है वो जरूर जंगल में रहता है।”
    Surender Mohan Pathak, धोखा

  • #3
    Joyce Carol Oates
    “... such speculation is like staring into the hot white sun. you know the sun is there but you can't see a thing.”
    Joyce Carol Oates, Invisible Woman: New & Selected Poems, 1970-1982

  • #4
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “कोई काम नामुमकिन नहीं होता। मुश्किल होता है, ज्यादा मुश्किल होता है लेकिन नामुमकिन नहीं होता।”
    Surender Mohan Pathak, डबल गेम

  • #5
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “कोटि प्रयास करे किन कोय
    कि सत्य का दीप बुझे न बुझाये”
    Surender Mohan Pathak, वहशी

  • #6
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “क्रोध में वो आंधी होती है जो विवेक का दीपक बुझा देती है”
    Surender Mohan Pathak, गोल्डन गर्ल

  • #7
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “तलवार का घाव भर सकता है लेकिन जुबान की खराश जिन्दगी का नासूर बन जाती है.”
    Surender Mohan Pathak, गोल्डन गर्ल

  • #8
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “आस्था प्रमाणों पर आधारित विश्वास नहीं, बल्कि अबाध समर्पण का नाम ही आस्था है!”
    Surender Mohan Pathak, बीवी का हत्यारा

  • #9
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “हर सज्जन पुरूष ईश्वर का एजेंट होता है जिसे वो अपनी पावर्स डैलीगेट करता है, सद्कार्य के लिये निमित्त बनाता है ताकि वो - परमपिता परमात्मा - जो चाहता है, वो हो सके।”
    Surender Mohan Pathak, चेम्बूर का दाता

  • #10
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “कोई दुश्वारी आन खड़ी होती है तो समझ आसमानी बाप इम्तहान लेता है. कोई प्रॉब्लम फॉरएवर नहीं होता.”
    Surender Mohan Pathak, कोलाबा कांस्पीरेसी

  • #11
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “पुस्तक प्रेमी बनिये, पुस्तकों को अपनाइये,पढने की आदत डालिये ताकि आपके पढ़ा-लिखा होने की सार्थकता स्थापित हो|याद रखिए पुस्तक से सच्चा साथी कोई नहीं|पुस्तकों का संसार असीम है| पुस्तकें ज्ञान का वह समुद्र है जिसकी एक बूंद भी आपके हिस्से में आई तो समझिये आपने बहुत कुछ पाया है| ज्यादा की तो बात ही क्या है”
    Surender Mohan Pathak
    tags: books

  • #12
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “जीवित रहना एक महान कर्तव्य है| जीवन जैसा भी हो उसे सहन करना चाहिए”
    Surender Mohan Pathak

  • #13
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “कुत्ते और आदमी में बुनियादी फर्क ये है कि तुम किसी भूखे कुत्ते के लिये दयाभाव दिखाओ और उसे रोटी खिला कर मरने से बचाओ तो वो तुम्हें कभी नहीं काटता।”
    Surender Mohan Pathak, पूरे चाँद की रात

  • #14
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “जिंदगी को एक सिग्रेट की तरह एंजाय करो, वरना सुलग तो रही ही है, एक दिन वैसे ही खत्म हो जानी है।”
    Surender Mohan Pathak, चोरों की बारात

  • #15
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “आनंद को ख़ुशी से कंफ्यूज नहीं किया जाना चाहिए| ख़ुशी आनंद से एकदम जुड़ा अहसास है| ख़ुशी में आनंद का सामावेश हमेशा होता है, लेकीन ऐसा आनंद आम पाया जाता है जिसमे कोई ख़ुशी नहीं होती”
    Surender Mohan Pathak, खतरे की घंटी

  • #16
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “गुनाह को आंखों के सामने होता देख कर खामोश रहना गुनहगार की मदद करना है।”
    Surender Mohan Pathak, डबल गेम

  • #17
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “गलती किसी से भी हो सकती है। गलती करना नादानी है। गलती करके उसको सुधारने की कोशिश ना करना ज्यादा बड़ी नादानी है।”
    Surender Mohan Pathak, सीक्रेट एजेंट

  • #18
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “कोई अनुष्ठान, कोई यज्ञ, कोई जप-तप प्रारब्ध को नहीं बदल सकता। फेट इज इनएवीटेबल। नियति अटल है।”
    Surender Mohan Pathak, पूरे चाँद की रात

  • #19
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “सच का गला झूठ उतना नहीं घोंटता जितना कि खामोशी घोंटती है।”
    Surender Mohan Pathak, डबल गेम

  • #20
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “जब दांत थे तो दाने नहीं थे, आज दाने है तो दांत नहीं है!”
    Surender Mohan Pathak, शक की सुई

  • #21
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “लाख जौहर हों आदमी में, आदमियत नहीं तो कुछ भी नहीं।”
    Surender Mohan Pathak, कोलाबा कांस्पीरेसी

  • #22
    सुरेन्द्र मोहन पाठक
    “सफलतायें दोस्त बनाती है, विफलतायें उन्हें आजमाती है।”
    Surender Mohan Pathak, कोलाबा कांस्पीरेसी



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