(?)
Quotes are added by the Goodreads community and are not verified by Goodreads. (Learn more)
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

“धर्मराज, तुम सच कहते हो, हमारे जीवित रहते तुम्हारी विजय कदापि न होगी। अच्छा, हम अपनी मृत्यु का उपाय बतलाते हैं, सुनो,——हम कभी नि:शस्त्र, भागे हुए, ध्वजाहीन, गिरे हुए, डरे हुए, स्त्री-जाति, विकलांग, एक पुत्र के पिता अथवा शरणागत के साथ समर नहीं करते। उस पर भूल- कर भी वाण नहीं छोड़ते। पहले हमने एक और प्रतिज्ञा की थी। वह यह कि अमंगल सूचक ध्वजा देखकर वार न करना। तुम्हारी सेना में शिखण्डी पूर्वजन्म का स्त्री है। वह अम्बा का अवतार है। उस पर मैं वार न करूँगा। उसे अपने सामने बैठाकर दृढ़ वर्म से अपनी रक्षा करके धनंजय मुझ पर वार करें। इस तरह तुम्हारी विजय अवश्य होगी।”

Suryakant Tripathi 'Nirala', Bhishma Pitamah
Read more quotes from सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'


Share this quote:
Share on Twitter

Friends Who Liked This Quote

To see what your friends thought of this quote, please sign up!

0 likes
All Members Who Liked This Quote

None yet!


This Quote Is From


Browse By Tag