सिकारियो

क्राईम फिक्शन विद डेविड फ्रांसिस सीरीज़ की अगली कड़ी में यह ‘क़स्र ग़मुमशुदा’ के बाद आठवां उपन्यास है— जो प्रकाशित हो रहा है। यह उन शुरुआती कहानियों का सिलसिला चल रहा है जिन्हें फिज़ी और न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के तटों पर रहते इस सीरीज़ के केंद्रीय किरदार डेविड फ्रांसिस द्वारा अपनी आत्मकथा के रूप में कलमबद्ध किया जा रहा है— यानि डेविड की भाषा में उसके वे कारनामे, जिन्हें वह अपने कांड के रूप में याद करता है।

सीरीज के क्रम में दसवें नंबर की ‘डेढ़ सयानी’ पहले ही प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें डेविड बतौर किरदार पूरी तरह तैयार हो चुका है— पक चुका है। वह उस मयार के आसपास पहुंच चुका है जहां उसके अपने आइडियल किताबी किरदार पाये जाते हैं— लेकिन उस मकाम तक पहुंचने का सफ़र उन नौ कहानियों में दर्ज है, जो वह अपने अतीत को स्मरण करते हुए पन्नों पर उकेर रहा है। शुरुआती दो कहानियां ‘काया पलट’ और ‘ए डैमसेल इन डिस्ट्रेस’ उसने फिज़ी में रहते दर्ज की थी, बाद की चार कहानियां ‘डार्क साइड’, ‘ओरका केरास्टा’, ‘साइको सिमोन’ और ‘द ब्लडी मानसून’ न्यूजीलैंड में रहते दर्ज की थी और ‘क़स्र गुमशुदा’ के बाद अब यह आठवीं कहानी वह आस्ट्रेलिया में रहते दर्ज कर रहा है।

यह कहानी ‘सिकारियो’ डेविड के मैक्सिको के सफ़र की है— जहां जीवन में पहली बार डेविड को यह अहसास होता है कि उसने ग़लत पंगा ले लिया है। जहां पहली बार डैमसेल इन डिस्ट्रेस का चक्कर उसकी औकात से कहीं बड़ा साबित होता है और जहां पहली बार अपने ही बनाये नियम के खिलाफ़ जा कर वह डैमसेल को डिस्ट्रेस में ही छोड़ कर भाग खड़ा होता है। जहां पहली बार उसकी जान ऐसे ख़तरे में पड़ जाती है कि बचने के लिये उसे अपराधियों की ही मदद लेनी पड़ती है।

कहानी एक लड़की से एक बहुत ही मामूली सी मुलाक़ात से शुरू होती है— जिसके साथ ही एक ऐसे खेल की भूमिका बन जाती है, जो आगे बहुत व्यापक और हिंसा से भरा साबित होता है। जहां अच्छी-खासी लाशें भी गिरती हैं और अच्छी-खासी तबाही भी होती है। यह डेविड की ज़िंदगी में दर्ज होने वाला सबसे व्यापक और सबसे जानलेवा कांड था।

सिनालोओ के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल सीडीएस में कुछ पक रहा था— और पूरा कार्टेल दो धड़ों में बंट रहा था और इस इस हिंसक बंटवारे के बीच कुछ साज़िशें भी अंजाम दी जा रही थीं। इस पूरे खेल में एक सिरे पर डेविड था जो इस बार विक्टिम था और उसके साथ थी कैमिला— जो कई लोगों के निशाने पर थी।

एक सिरे पर था कार्टेल का फाइनेंशियल आर्किटेक्ट राउल एस्टेबान, जो पर्दे के पीछे से कई गतिविधियों को बहुत ख़ामोशी से अंजाम दे रहा था। वह कुछ ऐसे लोगों के निशाने पर था जो उसे मारना भी चाहते थे, अपने साथ शामिल भी करना चाहते थे और इस खेल में बनाये भी रखना चाहते थे।

सीआईए थी, जो लोकल मोहरों के सहारे अपना एक अलग ही खेल खेल रही थी और कार्टेल से जुड़े लोगों को मोहरों की तरह यूज़ करते अपने लक्ष्य हासिल कर लेना चाहती थी।

ला निएबला थी… जो अंधेरे में छुपी एक सरगोशी भर थी, एक जानलेवा रहस्य थी और अपने ऐसे मिशन पर थी जो इस खेल से जुड़ा था और कई ऐसे लोगों को कठपुतली की तरह अपने इशारे पर नचा रही थी— जिनमें अनजाने ही डेविड भी शामिल था।

और था राबर्टो जिमेनेज़— जो एक करप्ट पुलिस वाला था और सीधे तौर पर दक्षिणी सिनालोआ में चल रहे इस खेल में शामिल था। लोगों को वीभत्स तरीके से टाॅर्चर करने, उन्हें मारने को वह अपनी आर्ट कहता था— और उसके शिकारों में डेविड भी शामिल था।

डेविड को एक साथ कई मोर्चों पर जूझना था— उसे कार्टेल के हत्यारों से भी अपनी जान बचानी थी, जिन्होंने उसके सर पर ईनाम घोषित कर दिया था। उसे ला निएबला से भी जूझना था— जो परछाईं की तरह उसके पीछे थी और उसे राबर्टो से भी ख़ुद को बचाना था जो उसे मोहरा बना कर राउल एस्टेबान तक पहुंचना चाहता था… और उसे इस पूरे खेल की तह तक भी पहुंचना था। क्या कामयाब हो पायेगा डेविड? क्या होने वाला था इस अंदरूनी जंग का परिणाम? इस खेल में शामिल सीआईए के आख़िर क्या लक्ष्य थे और ला निएबला डेविड से क्या चाहती थी? जानने के लिये पढ़िये।

Sicario

Ashfaq Ahmad
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Published on May 02, 2026 20:02 Tags: books-by-ashfaq-ahmad
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