तुम्हारी परछाई भर देखने को
तुम्हारे बारे में सोचते हुए
मैं सो गया और मैंने स्वप्न में तुमको देखा। अगर मैं जानता कि ये एक स्वप्न होगा तो मैं कभी नहीं जागता। ओनो नो कोमाची [825 - 900]अगर मैं जानता कि तुमको आना नहीं है मैं कब का सो चुका होता लेकिन अब बहुत रात हो चुकी है।मैं चाँद को देखता हूँ ढलते हुए। एकाजोमे इमोन [956 - 1041]अकस्मात तुम्हारी परछाई भर देखने को मैं कितनी ही बार गुज़रा तुम्हारे घर के दरवाज़े के आगे से। हिगुची इचियो [1872 -1896] कितने हज़ार बरस पीछे तक मैं तुमको ऐसे ही प्यार करता रहा हूँ। अपने प्रेम के निशान खोजने के लिए मैं बहुत पीछे के सफ़र में निकल जाता हूँ। ईसा के बाद से ईसा के पहले तक के हिसाब में मैंने हर कविता में ख़ुद को तुम्हारे इंतज़ार में बैठा पाया है। सोचता हूँ कि इस सब से पहले की वे कविताएं जो पाषाणों पर लिखी गई, गुफाओं में उकेरी गई हैं अगर कहीं मिल जाएगी तो वहां भी मैं तुम्हारे प्रेम में खोया मिलूंगा। मालती के फूलों की तस्वीर लेने में खोया हुआ था कि गुलाब के काँटों ने बाँह पर चूम लिया है। एक गिलहरी तस्वीर लेते देख रही है। जैसे जानना चाहती हो कि मैं इन फूलों को अपने दांतों से कुतरना नहीं चाहूंगा तो क्या करूँगा। गिलहरी को क्या पता कि तुम्हारे अधपके बालों में ये फूल कितने सुंदर दिखेंगे।
Published on May 03, 2020 01:07
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