कमलदल से भरे तालाब के किनारे बैठी नायिका सहसा लजा गई। कि हवा के चूमने से फूल लरज़ कर सहम गया। अभी-अभी देखा एक चुम्बन जड़ों तक उतर गया जैसे कभी-कभी न मिल पाने की बेकसी आत्मा तक उतरती है। ______कुछ तस्वीरें बेसबब, कुछ ख़त उसके नाम।
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Published on May 25, 2020 01:28