है हकीकत या ख्वाब तनहाईकौनसी है क़िताब तनहाई
भीड में पहनकर चली आएख़ामुशी का नक़ाब तनहाई
मिल न पाया जो आंखों में तेरेदे रही है जवाब तनहाई
भूलता हूं उसे जरासा तोमांगती है हिसाब तनहाई
उसके तेवर कभी न जान सकाआपसीं हैं जनाब तनहाई
- कुमार जावडेकर
Published on May 02, 2020 12:18