“ज्ञान तो स्वयं के अनुभवों से आता है। ज्ञान तो वर्तमान में प्राप्त होता है। आत्मज्ञान ही सही रूप में ज्ञान होता है। बाकि तो सारी जानकारी होती है, जिसे हम ज्ञान समझने की भूल कर रहे है, यह बाहर से प्राप्त जानकारी इस शरीर के साथ ही छूट जाती है।”
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Shree Shivkrupanand Swami