Sudhanshu Shekhar
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“इस देश के बुद्धिजीवी सब शेर हैं, पर वे सियारों की बारात में बैंड बजाते हैं।”
― ठिठुरता हुआ गणतंत्र
― ठिठुरता हुआ गणतंत्र
“I know what pleasure is", cried Dorian. "It is to adore someone.”
― The Picture of Dorian Gray
― The Picture of Dorian Gray
“हम भी हैं मानवी कि ज्यों ही प्रेम उगे, रुक जाएँ,
मिले जहाँ भी दान हृदय का, वहीं मग्न झुक जाएँ?
प्रेम मानवी की निधि है, अपनी तो वह क्रीड़ा है;
प्रेम हमारा स्वाद, मानवी की आकुल पीड़ा है।”
― उर्वशी
मिले जहाँ भी दान हृदय का, वहीं मग्न झुक जाएँ?
प्रेम मानवी की निधि है, अपनी तो वह क्रीड़ा है;
प्रेम हमारा स्वाद, मानवी की आकुल पीड़ा है।”
― उर्वशी
“वक्ष के इस तल्प पर सोती न केवल देह, मेरे व्यग्र, व्याकुल प्राण भी विश्राम पाते हैं।”
― उर्वशी
― उर्वशी
“एक मूर्ति में सिमट गईं किस भाँति सिद्धियाँ सारी?
कब था ज्ञात मुझे, इतनी सुन्दर होती है नारी?”
― उर्वशी
कब था ज्ञात मुझे, इतनी सुन्दर होती है नारी?”
― उर्वशी
Sudhanshu’s 2025 Year in Books
Take a look at Sudhanshu’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
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