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Panchali
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[Done]पांचाली: महाभारत के नारी पात्र
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* Author: Sushil Kumar, सुशील कुमार
*ISBN: 8195517153, 978-8195517152
* Publisher: Samayik Prakashan
* Publication: 30 June 2025
* Page count: 272
* Format: Hardcover
* Description: कालजयी महाकाव्य ‘महाभारत’ का अभिनंदन ‘पंचम वेद’ कहकर किया जाता रहा है। इस वृहद् ग्रंथ के संबंध में मान्यता रही है कि ‘जो महाभारत में नहीं है, वह कहीं नहीं है।’ अध्यात्म एवं ज्ञान की उच्चतम स्थापनाओं से संपन्न यह महाग्रंथ भारतीय संस्कृति का विश्वकोश माना जाता है। इसकी आधारभूत संकल्पनाएं ही वर्तमान भारतीय सभ्यता एवं समाज की आधारभूमि रही हैं। लोक कल्याण के प्रति जागरूक भारतीय नारी आज समानता के अधिकार तथा सहज सम्मान के लिए जो रचनात्मक आंदोलन कर रही है, उसकी सफलता की शुभकामनाओं सहित प्रस्तुत है— 6 खंडों में उपन्यास-माला महाभारत के नारी पात्रें की गौरव गाथा सत्यवती, गांधारी, कुंती, देवकी, रुक्मिणी और पांचाली। स्वभावतः इस महाकाव्य की समर्थ नारियां हमारी संस्कृति के लिए विशेषकर भारतीय स्त्री के लिए दीपस्तंभ की ज्योति की भांति युगों से दिशा-निर्देश करती रही हैं। उनमें से एक हैं— पांचाली महाभारत का नायक कौन था यह प्रश्न विवाद का हो सकता है, किंतु ‘पांचाली’ महाभारत की नायिका थी, यह निर्विवाद है! यह महासुंदरी पांचाली ही प्रचंड महासंग्राम का हेतु बन गई। प्रतापी पितृकुल के साथ ही वह महापराक्रमी पांडवों की महारानी थी और यादवों के लोक-विख्यात अतिरथी वासुदेव कृष्ण की सखी थी, किंतु विपरीत स्थितियों में उसे क्रीतदासी की भांति भरी सभा में कौरवों से अपमानित होना पड़ा। तेरह वर्ष तक पतियों के साथ दुर्गम वनों में भटकना पड़ा। अपमान की ज्वाला से झुलसती पांचाली को अपने रूप-यौवन के कारण कितने ही क्रूरकर्मा अनाचारियों की वासना-भरी दृष्टि भी झेलनी पड़ी, किंतु उस संघर्ष ने उसे एक पल को भी अपनी दृढ़ता और लक्ष्य से विचलित नहीं किया। यह उपन्यास पांचाली की दृढ़ इच्छा शक्ति और उनके संघर्ष का प्रतीक है।
*Language: Hindi
*Link: https://www.amazon.in/Panchali-%E0%A4...