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देवकी Devaki
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[Closed] Added Books/Editions > [Done]देवकी: महाभारत के नारी पात्र

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message 1: by Shreyansh (last edited Jan 26, 2026 08:24PM) (new)

Shreyansh Thakur | 2977 comments * Title: देवकी: महाभारत के नारी पात्र [Devaki: Mahabharat k Nari Patra]

* Author: Sushil Kumar, सुशील कुमार


*ISBN: 9393232725, 978-9393232724


* Publisher: Samayik Prakashan

* Publication: 30 June 2025

* Page count: 256

* Format: Paperback

* Description: कालजयी महाकाव्य ‘महाभारत’ का अभिनंदन ‘पंचम वेद’ कहकर किया जाता रहा है। इस वृहद् ग्रंथ के संबंध में मान्यता रही है कि ‘जो महाभारत में नहीं है, वह कहीं नहीं है।’ अध्यात्म एवं ज्ञान की उच्चतम स्थापनाओं से संपन्न यह महाग्रंथ भारतीय संस्कृति का विश्वकोश माना जाता है। इसकी आधारभूत संकल्पनाएं ही वर्तमान भारतीय सभ्यता एवं समाज की आधारभूमि रही हैं। लोक कल्याण के प्रति जागरूक भारतीय नारी आज समानता के अधिकार तथा सहज सम्मान के लिए जो रचनात्मक आंदोलन कर रही है, उसकी सफलता की शुभकामनाओं सहित प्रस्तुत है— 6 खंडों में उपन्यास-माला महाभारत के नारी पात्रें की गौरव गाथा सत्यवती, गांधारी, कुंती, देवकी, रुक्मिणी और पांचाली। स्वभावतः इस महाकाव्य की समर्थ नारियां हमारी संस्कृति के लिए—विशेषकर भारतीय स्त्री के लिए दीपस्तंभ की ज्योति की भांति युगों से दिशा-निर्देश करती रही हैं। उनमें से एक हैं— देवकी यद्यपि देवकी प्रत्यक्षतः महाभारत की कथा-वस्तु से जुड़ी नहीं थीं, किंतु मथुरा के वृष्णि योद्धा वसुदेव की पत्नी होने के साथ ही अपने लोकनायक पुत्र वासुदेव कृष्ण के संदर्भ में वह समग्र परिवेश पर छाई रहीं। उनका पुत्र वासुदेव कृष्ण ‘देवकीनंदन कृष्ण’ कहलाने में गौरव अनुभव करता है। वर्षों तक पुत्र के बिछोह से तड़पती देवकी का उद्धार अंत में कृष्ण ने अपने अनाचारी मातुल कंस का वध करके किया। इस उपन्यास की नायिका देवकी संभवतः संपूर्ण भारतीय वांघ्मय में एक ऐसी नारी के रूप में प्रतिष्ठापित हैं जिनका मौन ही समूची सृष्टि की ध्वनियों से अधिक मुखर रहा है।

*Language: Hindi

*Link: https://www.amazon.in/Devaki-%E0%A4%A...

*Hardcover edition:https://www.amazon.in/Devaki-%E0%A4%A...


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