इंसान के अन्दर हमेशा से ही जिज्ञासा रही है। हम भिन्न भिन्न विषयों में जानना चाहते हैं, अलग अलग जगह घूमना चाहते हैं। लेकिन हर किसी के लिये ये मुनासिब नहीं होता कि वो हर जगह जा सके और वादियों के मज़े ले सके। लेकिन ऐसे में यात्रा वृत्तांत पाठकों को शब्दों के माध्यम से उधर पहुंचा देते हैं जहाँ वो शायद कभी जा न पाये। या जाने में कुछ वर्ष लगें। इसलिए यात्रा संस्मरण भी एक जरूरी साहित्यिक विधा है। मैं अपनी बात करूँ तो अनिल यादव जी के यात्रा संस्मरण 'वह भी कोई देस है महाराज' ने इस विधा में मेरी रूचि जागृत की। ये एक ऐसी पुस्तक है जिसे मैं कहूँगा हर किसी को पढना चाहिए।उत्तर पूर्वी राज्यों का एक बेहतरीन ब्यौरा देती पुस्तक जिसने यात्रा वृत्तांत के मेरी समझ को बिलकुल बदल दिया था। खैर, जब इस विधा में रुचि जागृत हुई तो ओम थानवी जी के निम्न लेख से रूबरू हुआ: हिन्दी के दस यात्रा संस्मरण इस लेख में निम्न यात्रा संस्मरण के विषय में लिखा है : १) यात्रा का आनंद - दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर २)किन्नर देश में - राहुल संकृत्यायन ३) अरे यायावर रहेगा याद - अज्ञेय ४) ऋणजल धनजल - फणीश्वरनाथ रेणु ५)आखिरी चट्टान तक - मोहन राकेश ६)चीड़ों पर चाँदनी - निर्मल वर्मा ७)स्पीति में बारिश - कृष्णकुमार ८)यूरोप के स्केच - रामकुमार ९)बुद्ध का कमण्डल लद्दाख - कृष्णा सोबती १०) तीरे तीरे नर्मदा - अमृत लाल वेगड़ आपने इनमे से कौन से पढ़े हैं? इनके इलावा भी कोई अच्छा यात्रा वृत्तांत पढ़ा है तो इस थ्रेड में उसके विषय में जरूर बात करियेगा।
हिन्दी के दस यात्रा संस्मरण
इस लेख में निम्न यात्रा संस्मरण के विषय में लिखा है :
१) यात्रा का आनंद - दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर
२)किन्नर देश में - राहुल संकृत्यायन
३) अरे यायावर रहेगा याद - अज्ञेय
४) ऋणजल धनजल - फणीश्वरनाथ रेणु
५)आखिरी चट्टान तक - मोहन राकेश
६)चीड़ों पर चाँदनी - निर्मल वर्मा
७)स्पीति में बारिश - कृष्णकुमार
८)यूरोप के स्केच - रामकुमार
९)बुद्ध का कमण्डल लद्दाख - कृष्णा सोबती
१०) तीरे तीरे नर्मदा - अमृत लाल वेगड़
आपने इनमे से कौन से पढ़े हैं? इनके इलावा भी कोई अच्छा यात्रा वृत्तांत पढ़ा है तो इस थ्रेड में उसके विषय में जरूर बात करियेगा।