Sri > Sri's Quotes

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    विष्णु प्रभाकर
    “मेरा कहना यह है कि मैं अपनी रचना के द्वारा मनुष्य की आत्मा का अपमान नहीं करना चाहता । पुरुष हो या स्त्री गिरकर उठने का रास्ता सबके लिए खुला होना चाहिए”
    Vishnu Prabhakar, आवारा मसीहा



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