Sanjay Grover > Sanjay's Quotes

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  • #1
    “जो भी स्त्री-पुरुष हंसते-खिलखिलाते हुए दहेज जैसे लेनदेन वाले समारोहों में शामिल होते हैं, मैं मानता हूं कि उन्हें स्त्री की समानता और स्वतंत्रता में कोई दिलचस्पी नहीं होती और वे यह स्वीकार चुके होते हैं कि स्त्रियों में कोई आधारभूत कमी होती है जिसकी भरपाई वे पैसे देकर पूरी करते हैं।
    -संजय ग्रोवर Sanjay Grover”
    ― -संजय ग्रोवर Sanjay Grover

  • #2
    “People like illogical quotes rather than original thinking.


    संजय ग्रोवर Sanjay Grover”
    ― संजय ग्रोवर Sanjay Grover

  • #3
    “आप महान देशों की महान फ़िल्में देखते हैं।
    आप महान लेखकों की महान क़िताबें पढ़ते हैं।
    आप अपने-अपने महापुरुषों की पूजा करते हैं।
    आपने देश-विदेश के पर्यटन-स्थल देख रखे हैं।
    आप बड़े-बड़े पदों पर रहे हैं।
    आप सारा इतिहास जानते हैं।
    आपकी बड़ी लोकप्रियता है।
    लेकिन
    आप ज़रा-सा भी सच बोलने से डरते हैं !
    अगर कुछ बोलते भी हैं तो एक भीड़ के खि़लाफ़ तब बोलते हैं जब लगभग वैसी ही दूसरी भीड़ का समर्थन ले लेते हैं।
    तो ज़रुर सोचने की बात है कि महापुरुषों, फ़िल्मों, क़िताबों, पदों, लोकप्रियता आदि ने आपको दिया क्या ?
    सोचना तो यह उनको भी चाहिए जिन्होंने इन चीज़ों को लिखा या बनाया।
    --संजय ग्रोवर Sanjay Grover”
    ― संजय ग्रोवर Sanjay Grover

  • #4
    “भारत में लोग लव-मैरिज में भी दहेज लेते हैं !! ??
    In India, people take dowry even in love-marriages!!??

    Sanjay Grover संजय ग्रोवर”
    ― Sanjay Grover संजय ग्रोवर

  • #5
    “भारत में साहित्य, समाज का आईना नहीं होता, हो ही नहीं सकता.
    आईने भी कभी ब्राहमण, क्षत्रिय, वैश्य, हिंदू, मुसलमान, पारसी हो सकते हैं ?
    आईना तो ख़ालिस नास्तिक ही हो सकता है.

    -संजय ग्रोवर Sanjay Grove”
    ― संजय ग्रोवर Sanjay Grover

  • #6
    Sanjay   Grover
    “People like illogical quotes rather than original thinking.”
    ― Sanjay Grover, A Multilingual FreeBook

  • #7
    “Whenever a #new #shrine is built, it is itself a #proof that nothing could be done from the old shrines.
    जब भी कोई नया #धर्मस्थल बनता है तो वह ख़ुद ही इस बात का #सबूत होता है कि पुराने धर्मस्थलों से कुछ नहीं हो सका
    -Sanjay Grover”
    ― Sanjay Grover संजय ग्रोवर

  • #8
    “अगर सभी धर्मों के लोग एक-एक साल तक अपने-अपने धर्मों को अपने-अपने घरों में ही रखें तो एक साल में ही उन्हें पता चल जाएगा कि उनके धर्मों में कोई आध्यात्मिक/चमत्कारी शक्तियां हैं या नहीं.
    सामूहिक रुप से जो वे करते हैं और उसकी वजह से जो भी अच्छे-बुरे कार्य हो जाते हैं, वह समूह/भीड़ की शक्ति होती है धर्म की नहीं.
    -संजय ग्रोवर”
    ― -संजय ग्रोवर Sanjay Grover

  • #9
    “दर्द को इतना जिया कि दर्द मुझसे डर गया
    और फिर हंस करके बोला यार मैं तो मर गया
    -संजय ग्रोवर”
    ― संजय ग्रोवर Sanjay Grover, संजय ग्रोवर



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