भारत सरकार ने 4 जुलाई को 26 राजनीतिक संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें से चार ही थे, जिनका कुछ महत्त्व था। वे थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जो एक अतिवादी हिंदू पुनरुत्थान संगठन था, जमात-ए-इसलामी, जो एक मुसलिम धार्मिक संगठन था, और आनंद मार्ग, जो कट्टरपंथी हिंदुओं का एक संगठन था तथा चौथा संगठन नक्सलवादियों (चरम वामपंथियों) का था। उन पर आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चुनौती देनेवाली गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया। अगस्त को अलगाववादी मिजो नेशनल फ्रंट को भी प्रतिबंधित संगठनों में शामिल कर लिया गया।

