“
आँसू ख़ुशियाँ एक ही शय है नाम अलग हैं इनके
पेड़ में जैसे बीज छुपा है बीज में पेड़ है जैसे
एक में जिसने दूजा देखा वो ही सच्चा ज्ञानी
”
― Saans Ke Sikke: 99 Triveniyon Ka Sangrah
― Saans Ke Sikke: 99 Triveniyon Ka Sangrah
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जुल्म के वक़्त भी गर लब न खुलेंगे तो सुनो
अपनी चुप्पी के तले दब के ही मर जाओगे
खुल के बोलो कि ज़माने को लगे ज़िंदा हो
”
― Saans Ke Sikke: 99 Triveniyon Ka Sangrah
― Saans Ke Sikke: 99 Triveniyon Ka Sangrah
















