Vimal promised himself that he would move to Delhi and live a normal life as a family man with his wife and child; erasing every memory of his haunting past. He promised to forget that he had spent his life scraping bloody words into the wall of time. But one day, a whirlwind puts a sudden end to the calm before the storm and he is blown away like a twig. When he opens his eyes, he finds himself in that place where he promised never to venture again.
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
लगभग 5 वर्ष के अंतराल के बाद यह विमल का कारनामा एक तूफान के आने जैसा है। जिस प्रकार से तूफान के आने से पूर्व शांति स्थापित हो जाती, सन्नाटा पसर जाता है कुछ वैसा ही 5 वर्ष के सन्नाटे के बाद यह उपन्यास क़हर बनकर टूटने वाला है।
दिल्ली के समसामयिक अपराध के केंद्र बिंदु में विमल और नीलम के शान्त जिंदगी में तूफान जब आता है तो विमल दिल्ली के अपराधियों पर क़हर बन कर टूटता है।
बेहतरीन चरित्र चित्रण, शानदार कथानक की प्रस्तुति, खुद को कहानी से जोड़ लेने वाला घटनाक्रम।
अगले भाग का इंतज़ार रहेगा जब घात के उत्तर में आघात और फिर प्रतिघात से हम पाठकों का सामना होगा।
I am not sure if this is authors' best work or mediocre but it was entertaining. Ofcourse there are double standards but it suits the kind of audience it is targeted for.
मैं बहुत ही संक्षिप्त में बात करूंगा .विमल का नया उपन्यास बहुत औसत लगा कहानी के तौर पर आजकल की ट्रेंड फ़िल्मों की tarah था जहां महिला पात्रों के साथ दुष्कर्म होकर गुजरता हैं और मुख्य पात्र उसका बदला.....उचित न्याय करता है. यहा परबलम कहानी की नही उसकी टरीटमेनट की है। वही फलोप फिलमो की तरह घीसापीटा और थकाऊ ऊबाऊ।हलाकी शुरूआती अपराध और उससे लडने के विमल के जज्बात के बिरूध उसको याद दिलाता संकल्प -प्रकरण मुझे पसंद आया
Qahar is a fast paced return of Vimal in a spectacular manner. The distinct writing style of SMP Sir isquite evident. The character of Altmash is another beauty of this book. Waiting for second part......
After a gap of 5 yrs, meeting VIMAL was great. It's a must read book, the character of ALTMASH is the highlight of the novel. Yet another great book by the great author.
विमल का काफी समय से हो रहा इंतज़ार आखिरकार कहर से पूरा हुआ, विमल अपने उसी जलाल में दिखा जिसके लिए वो मशहूर है. एक बार में ही पठनीय. विमल ने तो कहर बरपाया ही साथ ही एक नया किरदार अल्तमश भी बड़ा बेहतरीन था. ज़रूर ज़रूर पढ़ें.
कहर एक शानदार कथानक है। विमल सीरीज के पिछले दो तीन उपन्यासों से बेहतर है। एक बैठक में पठनीय। कहानी विमल के सामान्य शहरी बनने के संघर्ष से शुरू होती है, शुरुआत से ही कहानी ऐसा बांधती है कि उपन्यास छोड़ते नही बनता। अवश्य पढ़ें
लंबे अंतराल के बाद सोहल उर्फ विमल अपने पूराने जद्दोजलाल के साथ लौट आया है ...पाठक साहब ने कहानी भी मौजूदा माहौल के अनुरूप गढ़ी है और ऐन बैजा बैजा गढ़ी है... ऊपर से उनके अंदाजे बयां ने इस कहानी को भी बार बार पठनीय किताब बना दिया है !
बड़े बड़े सूरमाओं को मार गिराने वाले विमल को साधारण गुंडे सा व्यहवार शोभा नही देता विमल सीरिज की खासियत यही है कि वह थ्रिलर सा मज़ा देता है और उसमें अपराध और अपराधी होते है वरना नाम मे क्या रखा है।