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Munawwar Nama

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मुनव्वरनामा, इस सदी के सबसे मसहूर शायरों मैं से एक मुनव्वर राना जी की चुनिंदा रचनाओं का संकलन है. राना साहब की कामयाबी का राज़ ये है कि वे ज़ज़्बात को बोलचाल की ज़बान में बड़ी सादगी और ख़ूबसूरती के साथ ग़ज़ल बना देते हैं. उनके कलाम में बनावट नहीं है. इस संकलन में भी हमें उनकी सीरत में बसी मिटटी की ख़ुशबू का एहसास होता है, उनके गांव और कस्बात की यादें भी झलकती हैं.राना अपनी शायरी में हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब की नुमाइंदगी करते हैं. संवेदना और विचार के बीच आश्चर्यजनक संतुलन स्थापित कर जब वे अपनी रचनाएँ हमारे आगे परोसते हैं तो जैसे आम आदमी के सभी विचारों को ज़ुबान मिल जाती है.

360 pages, Kindle Edition

Published January 10, 2017

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About the author

Munawwar Rana

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Profile Image for Aashish.
9 reviews1 follower
May 21, 2019
आज के बेहतरीन शायर की उम्दा शायरी और नज़्मों का संग्रह। हिंदुस्तानी तहज़ीब से सरोकार रखने वाले के लिए ज़रूरी किताब। इसमें मिट्टी की ख़ुशबू है, पाने की ख़ुशी है, खोने का दर्द है...हमारे त्योहार, आँगन, मिट्टी, पेड़, रिश्ते सब कई रंगों में मौजूद है।
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