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मेरी प्रिय कहानियाँ

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हिन्दी साहित्य के अश्वाधुनिक कहानीकारों में अग्रगण्य राजेन्द्र यादव की अपनी चुनी हुई कहानियाँ इस संकलन में संग्रहीत हैं । इसके साथ इन कहानियों तथा लेखक की अपनी विकास-यात्रा की संक्षिप्त परन्तु रोचक भूमिका इस संकलन की पठनीय सामग्री है । कथा, शैली तथा चरित्र-चित्रण की दृष्टि से हिन्दी कहानी को विश्व के आधुनिक कहानी साहित्य के समकक्ष लाने में इनका विशेष योगदान है ।

124 pages, Hardcover

Published January 1, 2012

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About the author

Rajendra Yadav

139 books18 followers
राजेन्द्र यादव हिन्दी के सुपरिचित लेखक, कहानीकार, उपन्यासकार व आलोचक होने के साथ-साथ हिन्दी के सर्वाधिक लोकप्रिय संपादक भी थे। नयी कहानी के नाम से हिन्दी साहित्य में उन्होंने एक नयी विधा का सूत्रपात किया। उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द द्वारा सन् 1930 में स्थापित साहित्यिक पत्रिका हंस का पुनर्प्रकाशन उन्होंने प्रेमचन्द की जयन्ती के दिन 31 जुलाई 1986 को प्रारम्भ किया था। यह पत्रिका सन् 1953 में बन्द हो गयी थी। इसके प्रकाशन का दायित्व उन्होंने स्वयं लिया और अपने मरते दम तक पूरे 27 वर्ष निभाया।

28 अगस्त 1929 ई० को उत्तर प्रदेश के शहर आगरा में जन्मे राजेन्द्र यादव ने 1951 ई० में आगरा विश्वविद्यालय से एम०ए० की परीक्षा हिन्दी साहित्य में प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान के साथ उत्तीर्ण की। उनका विवाह सुपरिचित हिन्दी लेखिका मन्नू भण्डारी के साथ हुआ था। वे हिन्दी साहित्य की सुप्रसिद्ध हंस पत्रिका के सम्पादक थे।

हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा राजेन्द्र यादव को उनके समग्र लेखन के लिये वर्ष 2003-04 का सर्वोच्च सम्मान (शलाका सम्मान) प्रदान किया गया था।

28 अक्टूबर 2013 की रात्रि को नई दिल्ली में 84 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।

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Profile Image for Animesh Priyadarshi.
43 reviews3 followers
June 22, 2022
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